[2025-12-19]67 साल के बाद नागरिक दंड संहिता में बड़ा सुधार
1958 में लागू हुए नागरिक दंड संहिता में समकालीन सामाजिक और आर्थिक परिवेश को ध्यान में रखते हुए पूर्ण सुधार की शुरुआत की गई है।
अब नागरिक और व्यावसायिक लेनदेनों में लागू होने वाली क्रमशः 5% और 6% की निश्चित ब्याज दरों को आर्थिक परिस्थितियों के अनुसार प्रधानमंत्री के आदेश द्वारा संशोधित किया जा सकेगा।
इसके साथ ही मनोवैज्ञानिक दबाव या अनुचित हस्तक्षेप के तहत दिए गए निर्णयों को रद्द करने की व्यवस्था भी की गई है।