दक्षिण कोरिया ने चिकित्सा उपकरणों की बाज़ार में एंट्री प्रक्रिया को तेज़ करने के लिए एक महत्वपूर्ण सुधार की घोषणा की है। अब अंतरराष्ट्रीय स्तर की क्लिनिकल जांच से गुज़रे उपकरण केवल 80 दिनों में अस्पतालों में इस्तेमाल किए जा सकेंगे, जबकि पहले इसमें 490 दिन लगते थे। यह नई व्यवस्था 26 जून से लागू हो गई है, जिसे स्वास्थ्य एवं कल्याण मंत्रालय और खाद्य एवं औषधि सुरक्षा मंत्रालय ने मिलकर शुरू किया है। इसका उद्देश्य है कि मरीजों और डॉक्टरों को नवीनतम चिकित्सा तकनीकें जल्दी उपलब्ध हों।
इस सुधार के लिए नई चिकित्सा तकनीक मूल्यांकन और उपकरण अनुमति प्रक्रिया के नियमों में बदलाव किया गया है। उपकरणों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार सख्त क्लिनिकल जांच से गुजरना होगा। आवेदकों को नेशनल हेल्थ इंश्योरेंस से तकनीक की नवीनता की पुष्टि करवानी होगी, और पुष्टि होने पर बिना अतिरिक्त मूल्यांकन के तुरंत इस्तेमाल की अनुमति मिल जाएगी। मरीजों की सुरक्षा और दुरुपयोग रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय भी लागू किए गए हैं।
स्वास्थ्य मंत्रालय और खाद्य एवं औषधि मंत्रालय ने बताया कि 199 चिकित्सा उपकरण इस प्रक्रिया के लिए योग्य हैं, जिनमें 113 डिजिटल डिवाइस, 83 इन विट्रो डायग्नोस्टिक किट और 3 मेडिकल रोबोट शामिल हैं। इनमें AI आधारित स्वतंत्र सॉफ्टवेयर, इन विट्रो डायग्नोस्टिक किट, सर्जिकल रोबोट और इलेक्ट्रिक एक्सोस्केलेटन जैसे उपकरण शामिल हैं। नए नियमों की पूरी जानकारी सरकारी वेबसाइट्स पर उपलब्ध है।
अधिकारियों का कहना है कि यह सुधार चिकित्सा उपकरण उद्योग को बढ़ावा देगा और नवाचार तकनीकों का अस्पतालों में त्वरित उपयोग संभव बनाएगा। वे मरीजों की सुरक्षा के लिए बीमा के बाहर उपयोग की निगरानी और ज़रूरत पड़ने पर अतिरिक्त मूल्यांकन की व्यवस्था भी रखेंगे। यह पहल दक्षिण कोरिया की वैश्विक प्रतिस्पर्धा को बढ़ाएगी और मरीजों को नई चिकित्सा सुविधाएं जल्दी उपलब्ध होंगी।
दक्षिण कोरिया का यह सुधार दर्शाता है कि कैसे सरकारें नवाचार और सुरक्षा के बीच संतुलन बना सकती हैं। बाज़ार में प्रवेश प्रक्रिया को तेज करने से शोध, विकास और नई तकनीकों का लाभ मरीजों तक जल्दी पहुँचता है। यह मॉडल अन्य देशों के लिए भी प्रेरणा हो सकता है जो उच्च तकनीक स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देना चाहते हैं।