20 जनवरी 2026 को सियोल में दक्षिण कोरिया की 22वीं राष्ट्रीय आतंकवाद निरोधक समिति की बैठक आयोजित हुई, जो आतंकवाद निरोधक कानून और समिति की 10वीं वर्षगांठ भी थी। यह बैठक देश-विदेश में बढ़ती आतंकवादी घटनाओं के बीच हुई, विशेष रूप से राष्ट्रपति ली जे-म्युंग पर गाडेओकदो में हुए हमले के बाद। इस घटना ने कोरियाई लोकतंत्र की सुरक्षा के लिए सतर्कता की आवश्यकता को रेखांकित किया।
प्रधानमंत्री किम मिन-सोक की अध्यक्षता में समिति ने गाडेओकदो हमले को आधिकारिक रूप से आतंकवादी घटना घोषित किया, जो 2016 के कानून के बाद पहली बार हुआ है। यह निर्णय राष्ट्रीय खुफिया सेवा, पुलिस, अग्निशमन विभाग, सेना और राष्ट्रीय फॉरेंसिक संस्थान की संयुक्त जांच के आधार पर लिया गया। समिति ने 2026 की राष्ट्रीय आतंकवाद निरोधक योजना, 2026-2027 के प्रमुख आयोजनों की सूची और मिलान-कोर्���िना शीतकालीन ओलंपिक के लिए सुरक्षा तैयारियों पर भी चर्चा की।
प्रधानमंत्री किम मिन-सोक ने पिछले दस वर्षों में आतंकवाद निरोधक एजेंसियों के प्रयासों की सराहना की और कहा कि गाडेओकदो जैसी घटनाएं लोकतांत्रिक कोरिया में दोबारा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सुरक्षा प्रणाली की व्यापक समीक्षा और चुनावी अवधि के दौरान प्रमुख हस्तियों की सुरक्षा के लिए सख्त उपायों की आवश्यकता पर बल दिया। संबंधित एजेंसियों को सभी निर्णयों को कड़ाई से लागू करने का निर्देश दिया गया।
आगे बढ़ते हुए, सरकार सार्वजनिक-निजी भागीदारी के माध्यम से नवाचार कार्यबल का गठन, कानूनी और संगठनात्मक सुधार और 2026 के दस प्रमुख आयोजनों के लिए सुरक्षा योजनाएं तैयार करेगी, जिनमें मिलान-कोर्तिना ओलंपिक और फीफा विश्व कप शामिल हैं। इन पहलों का उद्देश्य आतंकवाद की किसी भी संभावना को समाप्त करना और नागरिकों व लोकतंत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
गाडेओकदो हमले को आतंकवादी घटना के रूप में आधिकारिक मान्यता देना दक्षिण कोरिया की सुरक्षा नीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव है। सरकार ने आतंकवाद के नए रूपों, विशेष रूप से ‘लोन वुल्फ’ हमलों, से निपटने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दिखाई है। अंतर-एजेंसी सहयोग और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की सुरक्षा तैयारियों के माध्यम से, कोरिया एक समग्र और सक्रिय आतंकवाद विरोधी रणनीति की ओर बढ़ रहा है, जिससे नागरिकों का विश्वास और राष्ट्रीय सुरक्षा मजबूत होगी।