[2026-01-26]Sewoon 4 पुनर्विकास पर UNESCO की चेतावनी: 30 जनवरी तक सियोल की प्रतिक्रिया अनिवार्य

सियोल के जोंगनो-गु क्षेत्र में Sewoon 4 पुनर्विकास परियोजना को कोरिया की राष्ट्रीय विरासत एजेंसी द्वारा गहन समीक्षा का सामना करना पड़ रहा है। यह परियोजना ऐतिहासिक क्षेत्र के आधुनिकीकरण का प्रयास है, लेकिन खुदाई में मिले पुरातात्विक अवशेषों के संरक्षण को लेकर कई चिंताएँ हैं। 2009 से 2018 तक सियोल, जोंगनो-गु और राष्ट्रीय विरासत एजेंसी के बीच कई बार विचार-विमर्श और संशोधन हुए, लेकिन हाल ही में सियोल द्वारा एकतरफा योजना परिवर्तन से विवाद बढ़ गया। UNESCO ने भी जोंगम्यो विश्व धरोहर स्थल पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चिंता जताई है।

23 जनवरी 2026 को भेजे गए आधिकारिक जवाब में, राष्ट्रीय विरासत एजेंसी ने स्पष्ट किया कि उचित संरक्षण उपायों और खुदाई पूरी किए बिना परियोजना आगे बढ़ाना अवैध है। मूल योजना में अधिकतम ऊँचाई 71.9 मीटर थी, लेकिन नए बदलाव के बाद 145 मीटर तक निर्माण की अनुमति है, जिससे जोंगम्यो की दृश्यता और अखंडता प्रभावित हो सकती है। 2022 से SH कॉरपोरेशन द्वारा की गई खुदाई में जोसियन काल की सड़कें और जल निकासी प्रणाली जैसे महत्वपूर्ण ढांचे मिले हैं।

एजेंसी ने बताया कि SH कॉरपोरेशन द्वारा प्रस्तुत संरक्षण योजना जनवरी 2024 में समिति द्वारा अपर्याप्त मानी गई थी और तब से कोई नया दस्तावेज़ नहीं आया है। अंतिम संरक्षण स्वीकृति के बिना किसी भी निर्माण की अनुमति नहीं है। साथ ही, अगर 30 जनवरी तक सियोल शहर UNESCO के अनुरोध का जवाब नहीं देता, तो स्थल निरीक्षण की मांग की जाएगी।

भविष्य में परियोजना की दिशा UNESCO की सिफारिशों और राष्ट्रीय विरासत कानून के पालन पर निर्भर करेगी। राष्ट्रीय विरासत एजेंसी विकास और संरक्षण के संतुलन के लिए प्रतिबद्ध है। यह मामला दर्शाता है कि ऐतिहासिक स्थलों की रक्षा के लिए स्थानीय, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पारदर्शी समन्वय आवश्यक है।


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🎯 metaqsol opinion:
यह समाचार ऐतिहासिक शहरों में शहरी प्रबंधन की जटिलता को दर्शाता है, जहाँ विकास और संरक्षण के हित टकराते हैं। UNESCO की भूमिका और कड़े कानूनी प्रावधान दिखाते हैं कि विश्व धरोहर की रक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग और पारदर्शिता जरूरी है। नीति-निर्माताओं के लिए यह सतत शहरी नियोजन में नवाचार का अवसर है, जिससे आधुनिक आवश्यकताओं और ऐतिहासिक मूल्यों का संतुलन बन सके।

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