[2026-01-25]डिप्रेशन पर शॉर्ट फिल्म ने 50 लाख व्यूज़ पार किए, समाज में जागरूकता बढ़ी

कोरिया के स्वास्थ्य और कल्याण मंत्रालय ने आत्महत्या रोकथाम अभियान के तहत शॉर्ट फिल्म ‘मेरी पत्नी को डिप्रेशन है’ जारी की। एक महीने में ही इस वीडियो ने 50 लाख से अधिक व्यूज हासिल किए और पूरे देश में सहानुभूति की लहर पैदा की। यह फिल्म केवल डिप्रेशन के खतरों को नहीं दिखाती, बल्कि एक आम परिवार की जद्दोजहद और साथ निभाने की कहानी को संवेदनशीलता से प्रस्तुत करती है। इसकी यथार्थवादी और गर्मजोशी भरी प्रस्तुति ने लाखों लोगों को गहराई से प्रभावित किया।

इस अभियान की सफलता के पीछे गहन तैयारी रही, जिसमें मनोचिकित्सकों की सलाह भी शामिल थी। मंत्रालय की डिजिटल टीम ने यह दिखाने की कोशिश की कि परिवार के सदस्य डिप्रेशन को कैसे समझें और प्रतिक्रिया दें। फिल्म का मुख्य संदेश है कि अपनी परेशानियों को ईमानदारी से साझा करना ही इलाज की शुरुआत है, जिससे ‘झूठी ठीक होने’ की आदत टूटती है और सच्चा संवाद शुरू होता है।

फिल्म यह स्पष्ट करती है कि डिप्रेशन इच्छाशक्ति की कमी नहीं, बल्कि एक जैविक बीमारी है जिसे विशेषज्ञ की मदद और इलाज की जरूरत होती है। पति ‘इनह्योक’ का किरदार, जो अपनी पत्नी को दोष देने के बजाय डिप्रेशन के बारे में सीखता है और उसका साथ देता है, कई परिवारों के लिए प्रेरणा बना है। वीडियो के नीचे 1,000 से ज्यादा कमेंट्स में लोगों ने अपने अनुभव साझा किए और फिल्म से मिली सांत्वना के लिए धन्यवाद कहा।

मंत्रालय ने 24 घंटे सक्रिय 109 हेल्पलाइन को भी प्रमोट किया, जो कठिन समय में सुरक्षा का सहारा है। कमेंट सेक्शन एक सपोर्ट ग्रुप जैसा बन गया है, जहां लोग एक-दूसरे की मदद कर रहे हैं। प्रवक्ता ह्यून सू-योप ने कहा कि डिप्रेशन से उबरना एक धीमी प्रक्रिया है, लेकिन सही मदद और समय से संभव है। मंत्रालय आगे भी ऐसे संवेदनशील कंटेंट के जरिए नागरिकों के साथ खड़ा रहेगा।


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🎯 metaqsol opinion:
यह अभियान दिखाता है कि डिजिटल मीडिया मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और सामाजिक समर्थन को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम बन सकता है। विशेषज्ञों की सलाह और आम लोगों की भागीदारी ने इसे एक जीवंत सपोर्ट प्लेटफॉर्म बना दिया है। 109 हेल्पलाइन जैसी पहलें सार्वजनिक संस्थाओं की सामाजिक सुरक्षा और सामुदायिक संवेदना को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाती हैं।

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