23 जनवरी को दक्षिण कोरिया के श्रम मंत्री किम यंग-हून की अध्यक्षता में राष्ट्रीय एजेंसी प्रमुखों की बैठक आयोजित हुई, जिसमें 48 क्षेत्रीय प्रमुख और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। यह बैठक लाइव प्रसारित की गई, जिससे पारदर्शिता बढ़ी और ‘सभी के लिए खुशहाल कार्यस्थल’ के लक्ष्य को दोहराया गया। बैठक में श्रम बाजार की तीन प्रमुख असमानताओं—औद्योगिक दुर्घटनाएं, वेतन बकाया और युवा रोजगार—को दूर करने के लिए ठोस रणनीतियों पर चर्चा हुई।
क्षेत्रीय स्तर पर विशिष्ट लक्ष्य तय किए गए: डेगू कार्यालय ने छोटे निर्माण स्थलों व लकड़ी कटाई में मौतों को 50% तक कम करने का लक्ष्य रखा; ग्योंगी कार्यालय ने 2026 तक वेतन बकाया को 10% घटाने के लिए निरीक्षण 40% बढ़ाने की योजना बनाई। सियोल कार्यालय ने ‘रोजगार24’ के माध्यम से युवा रोजगार में 10% वृद्धि का लक्ष्य रखा, जिसमें 34 वर्ष से कम आयु के बेरोजगार युवाओं को चिन्हित कर विशेष सहायता दी जाएगी। इन पहलों में स्थानीय सरकारों, रोजगार केंद्रों और अन्य संस्थानों के साथ सहयोग शामिल है।
मंत्री किम यंग-हून ने स्थानीय प्रशासन से डेटा-आधारित, सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया और क्षेत्रीय जरूरतों के अनुसार लक्षित नीतियां बनाने को कहा। उन्होंने तेज़ी से नीति क्रियान्वयन, श्रम के साथ वास्तविक विकास और जनता से ईमानदार संवाद पर बल दिया। बैठक के दौरान नागरिकों ने यूट्यूब के माध्यम से अपने विचार साझा किए, जिनमें से कई को तुरंत नीति में शामिल किया गया।
आगे चलकर, श्रम मंत्रालय नियमित रूप से ऐसी राष्ट्रीय बैठकें आयोजित करेगा, जिन्हें लाइव प्रसारित किया जाएगा ताकि पारदर्शिता बनी रहे और स्थानीय लक्ष्यों की प्रगति पर निगरानी हो सके। यह तरीका सार्वजनिक विश्वास बढ़ाने, नीति की प्रभावशीलता सुधारने और स्थानीय जरूरतों को राष्ट्रीय रणनीति में शामिल करने के लिए अपनाया गया है।
दक्षिण कोरिया का यह मॉडल, जिसमें पारदर्शिता, स्थानीय लक्ष्य और नागरिक सहभागिता को महत्व दिया गया है, आधुनिक प्रशासन का उत्कृष्ट उदाहरण है। इससे नीतियां अधिक व्यावहारिक, प्रभावी और समाज में विश्वास बढ़ाने वाली बनती हैं। अन्य देश भी इससे सीख लेकर श्रम बाजार की असमानताओं को दूर करने और युवा रोजगार को बढ़ावा देने के लिए ऐसी रणनीतियां अपना सकते हैं।