[2026-01-23]विश्व कुष्ठ दिवस: कोरिया में नए मामलों में स्थिरता, वैश्विक स्तर पर गिरावट

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा घोषित 25 जनवरी को विश्व कुष्ठ दिवस मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य जागरूकता बढ़ाना और सामाजिक भेदभाव को कम करना है। दक्षिण कोरिया में पिछले 10 वर्षों से नए कुष्ठ रोगियों की संख्या प्रति वर्ष 10 से कम रही है, जो प्रभावी नियंत्रण को दर्शाता है। 2025 में केवल 3 नए मामले सामने आए, जिनमें 2 विदेशी और 1 कोरियाई नागरिक शामिल हैं, जो लंबे समय तक दक्षिण प्रशांत क्षेत्र में रहे थे। यह रुझान सरकार की सतत नीतियों का परिणाम है।

WHO की Global leprosy update 2024 रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में विश्व स्तर पर 1,72,717 नए कुष्ठ रोगी मिले, जो 2023 की तुलना में 5.5% कम है। इनमें से 72% मामले दक्षिण एशिया, विशेष रूप से भारत और इंडोनेशिया से हैं। दक्षिण कोरिया में विदेशियों के लिए मुफ्त जांच (17 बार वार्षिक) और सप्ताहांत मोबाइल क्लीनिक के माध्यम से जांच बढ़ाई गई है। सरकार छह मुख्य और दो सहायक दवाएं मुफ्त में उपलब्ध कराती है।

कोरिया रोग नियंत्रण एजेंसी के निदेशक लिम सेउंग-क्वान ने कहा कि कुष्ठ रोगियों, जिनकी औसत आयु 80.9 वर्ष है, के अधिकारों और सुरक्षित जीवन की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने चिकित्सा पेशेवरों से रोग की शीघ्र पहचान और उपचार के लिए सतत प्रयास करने का आग्रह किया। पुनर्वास, जीवन स्तर सुधार और वित्तीय सहायता के लिए कई योजनाएं लागू की जा रही हैं।

आगे चलकर, दक्षिण कोरिया उन्नत रोग प्रबंधन बनाए रखने के साथ-साथ सामाजिक कलंक मिटाने के लिए शिक्षा, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और मरीजों के लिए बुनियादी ढांचे में सुधार पर ध्यान देगा। सही जानकारी का प्रचार और सामाजिक समावेशन कुष्ठ रोग के पूर्ण उन्मूलन के लिए आवश्यक हैं।


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🎯 metaqsol opinion:
दक्षिण कोरिया का समग्र दृष्टिकोण—रोकथाम, मुफ्त उपचार और सामाजिक सहायता—कुष्ठ रोग नियंत्रण में प्रभावी रहा है। फिर भी, सामाजिक कलंक एक बड़ी चुनौती है, जिसे शिक्षा और जागरूकता अभियानों से ही दूर किया जा सकता है। कोरिया का मॉडल उच्च संक्रमण वाले देशों के लिए अनुकरणीय है।

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