दक्षिण कोरिया के लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय और स्टार्टअप प्रमोशन एजेंसी ने 2023 के स्टार्टअप सर्वेक्षण के परिणाम जारी किए हैं। यह सर्वेक्षण राष्ट्रीय कंपनी रजिस्टर और 8,000 स्टार्टअप्स के सैंपल सर्वे पर आधारित है, जिसमें पिछले सात वर्षों में स्थापित कंपनियों की प्रवृत्तियों और विशेषताओं का विश्लेषण किया गया है। इसमें कंपनियों की संख्या, राजस्व, रोजगार, संस्थापकों की प्रेरणा और चुनौतियों का समावेश है। यह रिपोर्ट कोरियाई स्टार्टअप इकोसिस्टम की व्यापक तस्वीर प्रस्तुत करती है।
2023 में कुल स्टार्टअप्स की संख्या 4,902,489 रही, जो सभी एसएमई का 59.1% है और पिछले वर्ष की तुलना में 1.5% की वृद्धि है। तकनीकी क्षेत्रों में स्टार्टअप्स का हिस्सा 20% (978,847 कंपनियाँ) है, जिसमें सूचना प्रौद्योगिकी (+12.5%), प्रोफेशनल व साइंटिफिक सर्विसेज (+6.0%) और शिक्षा (+3.2%) में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। 20-39 वर्ष के युवा उद्यमियों की संख्या में 2.2% की वृद्धि हुई, जो कुल वृद्धि से अधिक है। हालांकि, स्टार्टअप्स में कर्मचारियों की संख्या 2.2% घटकर 8.33 मिलियन रह गई और कुल राजस्व 4.3% घटकर 1,134.6 ट्रिलियन वॉन हो गया।
सर्वेक्षण के अनुसार, 83.2% संस्थापकों के पास पूर्व कार्य अनुभव था और 29% पुनः स्टार्टअप शुरू करने वाले उद्यमी थे, जिनका औसत प्रयास 2.2 बार रहा। सबसे बड़ी चुनौतियाँ पूंजी की कमी (53.7%), असफलता का डर (45.9%) और कौशल की कमी (36.7%) थीं। मुख्य प्रेरणाएँ अधिक आय (64.8%) और रुचि के अनुसार काम (41.8%) थीं। फंडिंग का मुख्य स्रोत स्वयं की पूंजी (95.2%), बैंक ऋण (28.3%) और सरकारी सहायता (8.4%) रहा।
आर्थिक अनिश्चितता के बावजूद, सरकार 2026 तक स्टार्टअप समर्थन बजट को 3.5 ट्रिलियन वॉन तक बढ़ाने की योजना बना रही है, जिसमें निजी क्षेत्र की भागीदारी भी होगी। भविष्य की रणनीति में विशेष रूप से तकनीकी क्षेत्रों में नवाचार और विकास को बढ़ावा देना शामिल है। यह सर्वेक्षण नीति निर्माण के लिए आधार बनेगा और कोरियाई युवा कंपनियों की वैश्विक प्रतिस्पर्धा को मजबूत करेगा।
2023 का सर्वेक्षण दर्शाता है कि दक्षिण कोरिया का स्टार्टअप इकोसिस्टम आर्थिक चुनौतियों के बावजूद लचीला और नवाचार के लिए तैयार है। तकनीकी क्षेत्रों में निरंतर वृद्धि और युवा उद्यमियों की भागीदारी भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत हैं। सरकारी निवेश में वृद्धि डिजिटल परिवर्तन को गति देगी और कोरियाई स्टार्टअप्स की वैश्विक स्थिति को मजबूत करेगी, जिससे अन्य विकासशील देशों के लिए भी एक मॉडल प्रस्तुत होगा।