दक्षिण कोरियाई सरकार ने 2025 में आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों का सामना करने के लिए कई नई पहलें शुरू की हैं। इनमें साप्ताहिक कृषि मूल्य निगरानी, दूरदराज के द्वीपों के निवासियों के लिए सहायता राशि में वृद्धि, अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन खरीदारी पर नियंत्रण और साइबर सुरक्षा पारदर्शिता के दायरे का विस्तार शामिल है। इन उपायों का उद्देश्य नागरिकों को मूल्य अस्थिरता, स्वास्थ्य जोखिम, ऑनलाइन धोखाधड़ी और साइबर हमलों से बचाना है, साथ ही सामाजिक सेवाओं की पहुंच को बेहतर बनाना है।
कृषि मंत्रालय ने 12 जनवरी 2025 को पहली मूल्य निगरानी बैठक आयोजित की, जिसमें चावल, पत्तागोभी, लहसुन और मांस जैसे प्रमुख उत्पादों पर ध्यान केंद्रित किया गया। बर्ड फ्लू और पशुधन की कमी के कारण मांस के दाम ऊँचे बने हुए हैं, सरकार आपूर्ति बढ़ाने और उपभोक्ताओं को छूट देने की योजना बना रही है। गृह मंत्रालय ने पश्चिमी द्वीपों के निवासियों के लिए मासिक सहायता राशि 2 लाख वॉन तक बढ़ा दी है, जिससे 10 साल से अधिक समय से वहाँ रह रहे लगभग 3,500 लोग लाभान्वित होंगे।
12 जनवरी से बुजुर्गों और कमजोर वर्गों के लिए मुफ्त तपेदिक जांच कार्यक्रम शुरू किया गया है। खाद्य सुरक्षा मंत्रालय ने ‘ओलबारो’ पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन खरीदी गई खाद्य वस्तुओं पर सतर्कता बढ़ाई है, जिसकी विजिट्स दो वर्षों में तीन गुना बढ़ गई हैं। कस्टम विभाग ने अंतरराष्ट्रीय खरीदारी के लिए व्यक्तिगत कोड सत्यापन को सख्त किया है, जिसमें डिलीवरी पते के पिन कोड का भी मिलान किया जाएगा।
2027 से KOSPI और KOSDAQ पर सूचीबद्ध सभी कंपनियों को साइबर सुरक्षा जानकारी सार्वजनिक करनी होगी, हाल की हैकिंग घटनाओं के मद्देनजर। सरकार ने दवा के साइड इफेक्ट के लिए मुआवजा प्रक्रिया को आसान बनाया है और ऑनलाइन प्रशासनिक प्रमाणपत्र सेवाओं को बेहतर किया है। राष्ट्रीय और बेसिक पेंशन में भी 2.1% की वृद्धि की गई है।
दक्षिण कोरिया की ये पहलें आर्थिक, स्वास्थ्य और डिजिटल जोखिमों के प्रति एकीकृत और सक्रिय दृष्टिकोण को दर्शाती हैं। पारदर्शिता, रोकथाम और सामाजिक समावेशन पर जोर आधुनिक सार्वजनिक नीति की झलक देता है। ये सुधार अन्य देशों के लिए भी एक मॉडल हो सकते हैं, खासकर डिजिटल सुरक्षा और उपभोक्ता संरक्षण के क्षेत्र में।