दक्षिण कोरिया में जलवायु संकट और जनसंख्या के वृद्धावस्था के कारण आपदा प्रबंधन में महत्वपूर्ण बदलाव आ रहे हैं। राष्ट्रीय अग्निशमन एजेंसी के अनुसार, 2025 के आंकड़ों से स्पष्ट है कि चरम मौसम और जनसंख्या संरचना में बदलाव ने आपातकालीन स्थितियों की प्रकृति को बदल दिया है। लगातार बारिश और रिकॉर्ड तोड़ गर्मी ने आपातकालीन कॉल्स की प्रकृति और आवृत्ति को प्रभावित किया है। इससे आपदा प्रतिक्रिया रणनीतियों में अधिक सटीकता और डेटा-आधारित दृष्टिकोण की आवश्यकता बढ़ गई है।
2025 में कुल अग्निशमन, बचाव और आपातकालीन सेवाओं की संख्या 45,20,501 रही, जो प्रतिदिन औसतन 12,385 घटनाएं हैं, और यह पिछले वर्ष की तुलना में 3.4% कम है। आग की ���टनाएं 1.9% बढ़कर 38,341 हो गईं, मुख्यतः शुष्क मौसम और इलेक्ट्रिक वाहनों व स्कूटरों में बैटरी के बढ़ते उपयोग के कारण, जिससे रासायनिक कारणों से आग 16.7% बढ़ी। लापरवाही से हुई मौतें सबसे अधिक (96, 27.8%) रहीं, जबकि विद्युत कारणों से मौतें 17.5% बढ़ीं। बचाव कार्यों में 9.2% की बड़ी गिरावट आई, खासकर बार-बार बारिश के कारण मधुमक्खी के छत्ते हटाने की घटनाएं कम हो गईं।
आपातकालीन सेवाओं में 1.2% की मामूली गिरावट आई, लेकिन मरीजों की आयु संरचना में सामाजिक बदलाव स्पष्ट दिखा। रिकॉर्ड गर्मी के कारण हीट स्ट्रोक के मामले 12% (336) बढ़े। 60 वर्ष से अधिक आयु के मरीज अब कुल मरीजों का 58.4% हैं, जिसमें 1.6% की वृद्धि हुई, जबकि 10 वर्ष से कम आयु के बच्चों के मामले 11.2% घटे, जो औसत से कहीं अधिक है। ये आंकड़े वृद्धावस्था और कम जन्म दर के आपातकालीन सेवाओं पर पड़ने वाले प्रभाव को दर्शाते हैं।
इन परिवर्तनों के जवाब में, राष्ट्रीय अग्निशमन एजेंसी डेटा और विज्ञान-आधारित आपदा प्रबंधन को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। कार्यवाहक निदेशक किम स्युंग-रयोंग ने नागरिकों की सुरक्षा के लिए निरंतर अनुकूलन की आवश्यकता पर बल दिया। भविष्य की रणनीतियों में नई तकनीकों से संबंधित आग की रोकथाम और वृद्धजनों जैसे संवेदनशील समूहों की देखभाल, साथ ही चेतावनी प्रणालियों और संसाधनों का अनुकूलन शामिल है।