दक्षिण कोरिया में ‘दाएहान’ के दौरान अत्यधिक ठंड पड़ रही है। कोरियन रोग नियंत्रण एवं रोकथाम एजेंसी (KDCA) ने वरिष्ठ नागरिकों में शीतजनित रोगों के बढ़ते मा���लों को लेकर सतर्क किया है। बीते 5 वर्षों के आंकड़ों के अनुसार, 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में ऐसे मामलों की संख्या सबसे अधिक है। विशेषज्ञों ने बाहर की गतिविधियों को सीमित करने और बचाव नियमों का पालन करने की सलाह दी है।
2020-2021 से 2024-2025 के बीच कुल 1,914 शीतजनित रोगों के मामले दर्ज हुए, जिनमें 1,071 (लगभग 56%) 60 वर्ष से अधिक आयु के थे। इनमें से 234 (12.2%) मामलों में डिमेंशिया भी पाया गया, जिससे स्पष्ट है कि संज्ञानात्मक कमी वाले वरिष्ठ नागरिकों में जोखिम अधिक है। मुख्य बीमारियों में हाइपोथर्मिया, फ्रॉस्टबाइट और चिलब्लेन शामिल हैं। 512 आपातकालीन चिकित्सा संस्थानों की निगरानी प्रणाली इन मामलों की दैनिक रिपोर्टिंग करती है।
आयु वर्ग के अनुसार विश्लेषण में पाया गया कि वरिष्ठ नागरिकों में हाइपोथर्मिया अधिक होता है, जबकि युवा वर्ग में बाहरी गतिविधियों के दौरान फ्रॉस्टबाइट और चिलब्लेन अधिक देखे जाते हैं। वरिष्ठ नागरिकों में घर या आसपास के क्षेत्र में मामले अधिक हैं, जबकि युवा पहाड़, स्की स्थल या नदी-समुद्र किनारे अधिक प्रभावित होते हैं। KDCA के निदेशक लिम स्युंग-क्वान ने गर्म कपड़े पहनने और कमजोर वर्ग की सतर्क निगरानी की आवश्यकता पर बल दिया।
आगे के लिए, अधिकारियों ने बाहर निकलने से पहले मौसम की जानकारी लेने, परतदार कपड़े पहनने और घर के अंदर उचित तापमान बनाए रखने की सलाह दी है। बच्चों, पुरानी बीमारियों से ग्रस्त लोगों और शराब पीने वालों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। ये उपाय कोरिया की जलवायु परिवर्तन अनुकूलन क्षमता को मजबूत करने की सरकारी नीति का हिस्सा हैं।
यह समाचार दर्शाता है कि वृद्ध जनसंख्या और चरम मौसम के लिए स्वास्थ्य नीतियों में नवाचार आवश्यक है। रियल-टाइम निगरानी प्रणाली से संवेदनशील वर्गों की सुरक्षा के लिए त्वरित हस्तक्षेप संभव होता है। भविष्य में स्मार्ट तकनीक और व्यक्तिगत चेतावनी प्रणालियों के उपयोग से शीतजनित रोगों की रोकथाम और अधिक प्रभावी हो सकती है।