16 जनवरी को दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने सियोल-टोक्यो फोरम के दौरान जापान के पूर्व प्रधानमंत्री असो तारो से मुलाकात की। यह बैठक नारा (13-14 जनवरी) की यात्रा और जापानी प्रधानमंत्री ताकाइची के साथ शिखर सम्मेलन के बाद हुई। राष्ट्रपति ली ने कहा कि असो तारो की यात्रा ने कोरिया-जापान संबंधों में सुधार की कोरियाई जनता की उम्मीदों को और बढ़ा दिया है। उन्होंने नेताओं के साथ-साथ नागरिकों और राजनेताओं के बीच संवाद की भी महत्ता पर बल दिया।
राष्ट्रपति ली ने प्रधानमंत्री ताकाइची और जापानी जनता द्वारा मिले विशेष आतिथ्य के लिए आभार व्यक्त किया और शटल डिप्लोमेसी को मजबूत करने सहित कई ठोस उपलब्धियों को रेखांकित किया। असो तारो ने शिखर सम्मेलन को बहुत सफल बताया और कहा कि ली की जापान यात्रा को वहां बहुत सराहा गया। उन्होंने विशेष रूप से कम समय में दो बार शिखर बैठक होने को महत्वपूर्ण बताया।
ली जे-म्युंग ने वर्तमान अंतरराष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में कोरिया और जापान के बीच सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने असो तारो से भविष्य में भी सक्रिय भूमिका निभाने का अनुरोध किया ताकि दोनों देश कठिन मुद्दों का प्रबंधन कर सकें और भविष्य उन्मुख सहयोग को मजबूत कर सकें। ब्लू हाउस की प्रवक्ता कांग यू-जंग के अनुसार, यह बैठक दोनों देशों की ऐतिहासिक बाधाओं को पार करने और मजबूत साझेदारी बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
आगे चलकर, यह सकारात्मक रुझान क्षेत्रीय सुरक्षा और अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्रों में सहयोग के नए रास्ते खोल सकता है। नेताओं और राजनेताओं के बीच लगातार संवाद से आपसी समझ और पूर्वी एशिया में स्थिरता को बढ़ावा मिलेगा। यह बैठक अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए दोनों देशों की साझेदारी के प्रति मजबूत संदेश के रूप में देखी जा रही है। पर्यवेक्षकों को अब इस सहयोग को स्थायी बनाने के लिए ठोस पहलों की प्रतीक्षा है।