दक्षिण कोरिया की राष्ट्रीय अग्निशमन एजेंसी, कार्यवाहक प्रमुख किम स्युंग-रयोंग के नेतृत्व में, जलवायु संकट और इलेक्ट्रिक वाहनों में आग जैसी नई चुनौतियों के लिए 10 प्रमुख रणनीतियों के साथ AI और उन्नत तकनीकों का उपयोग कर रही है। 16 जून को घोषित इस योजना का उद्देश्य पारंपरिक अनुभव-आधारित तरीकों की सीमाओं को पार करना और अत्याधुनिक सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) को आपदा प्रबंधन में एकीकृत करना है।
इस योजना के चार मुख्य क्षेत्र हैं: विशाल सूचना प्रणाली, डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर, उन्नत उपकरण नवाचार और ‘K-fire’ ब्रांड के निर्यात को बढ़ावा देना। इसमें एकीकृत संसाधन प्रबंधन प्रणाली, उन्नत हवाई नियंत्रण प्लेटफॉर्म और ड्रोन व रोबोट से प्राप्त डेटा का विश्लेषण कर आपदा प्रतिक्रिया को अनुकूलित करना शामिल है। इन उपायों से प्रतिक्रिया समय में उल्लेखनीय कमी और संचालन की सटीकता में वृद्धि होगी।
नई और जटिल आपदाओं के लिए एजेंसी स्वचालित उपकरण जैसे ग्राउंड फायरफाइटिंग रोबोट, मानव रहित नावें और वायर-गाइडेड ड्रोन विकसित कर रही है। साथ ही, बैटरी आग की शीघ्र पहचान के लिए AI आधारित सिस्टम और उच्च प्रदर्शन पंप जैसे उपकरण भी पेश किए जा रहे हैं। फायरफाइटर्स की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए, उन्नत सुरक्षा उपकरण जैसे विजन डिवाइस, एक्सोस्केलेटन सूट और कार्बन फाइबर हेलमेट विकसित किए जा रहे हैं।
‘K-fire’ रणनीति के तहत, कोरियाई अग्निशमन तकनीकों का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यावसायीकरण तेज किया जा रहा है। अनुसंधान एवं विकास बजट में 65% की वृद्धि कर 50.3 अरब वॉन कर दिया गया है, जिससे तकनीकी प्रतिस्पर्धा और अंतरराष्ट्रीय प्रमाणन को बढ़ावा मिलेगा। एजेंसी विकासशील देशों में कोरियाई प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए विकास सहायता परियोजनाओं के माध्यम से निर्यात का स्थायी मॉडल स्थापित करने की योजना बना रही है।
AI और उन्नत तकनीकों का एकीकरण आपदा प्रबंधन को तेज, सुरक्षित और अधिक प्रभावी बनाता है। दक्षिण कोरिया वैश्विक नेतृत्व स्थापित कर रहा है और अन्य देशों के लिए एक अनुकरणीय मॉडल प्रस्तुत कर रहा है। फायरफाइटर्स की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर ध्यान केंद्रित करने से नवाचार और सार्वजनिक सुरक्षा में कूटनीति के नए रास्ते खुलते हैं।