दक्षिण कोरियाई सरकार ने बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए भोजन की स्वच्छता और पोषण प्रबंधन को मजबूत करने के लिए 62 नए एकीकृत भोजन प्रबंधन सहायता केंद्र खोलने की घोषणा की है। अब देश के सभी 228 जिलों में ये केंद्र संचालित होंगे, जिससे कमजोर वर्गों को सुरक्षित और संतुलित भोजन मिल सकेगा। यह पहल तेजी से वृद्ध होती आबादी के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की राष्ट्रीय रणनीति का हिस्सा है।
इन केंद्रों में पोषण विशेषज्ञ छोटे वृद्धाश्रमों और दिव्यांग केंद्रों में जाकर भोजन की स्वच्छता, सामग्री भंडारण और पोषण शिक्षा की निगरानी करते हैं। वर्तमान में लगभग 11 लाख लोग, जिनमें बच्चे, बुजुर्ग और दिव्यांग शामिल हैं, इस प्रणाली से लाभान्वित हो रहे हैं। बुजुर्ग लाभार्थियों की संख्या 2023 में 1.3 लाख से बढ़कर 2030 तक 3 लाख होने की उम्मीद है।
सरकार भोजन सुरक्षा प्रबंधन को उन लोगों तक भी विस्तारित करेगी जिन्हें पुरानी बीमारियां, भोजन संबंधी विकार या दुर्लभ रोग हैं। दिव्यांगता के प्रकार या आयु के अनुसार व्यक्तिगत भोजन दिशानिर्देश विकसित किए जाएंगे। इसके अलावा, ‘स्वस्थ भोजन’ स्टोर्स और प्रमाणन प्रणाली जैसी पहलें शुरू की जाएंगी, जिससे उपभोक्ताओं को स्वस्थ विकल्प चुनना आसान होगा।
आगे चलकर, दक्षिण कोरिया पोषण संबंधी पारदर्शिता को बढ़ाएगा और लोकप्रिय खाद्य पदार्थों जैसे चिकन पर भी पोषण लेबलिंग अनिवार्य करेगा। विस्तृत पोषण डाटाबेस सार्वजनिक और कंपनियों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे व्यक्तिगत स्वास्थ्य ऐप्स का विकास संभव होगा। ये कदम रोजमर्रा की भोजन सुरक्षा को बेहतर बनाएंगे और वैज्ञानिक आधार पर सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रबंधन को मजबूत करेंगे।
दक्षिण कोरिया का एकीकृत भोजन सुरक्षा मॉडल, जिसमें संस्थागत समर्थन, तकनीकी नवाचार और पोषण शिक्षा शामिल है, वृद्ध होती आबादी के लिए एक उन्नत उदाहरण है। पोषण डाटा की पारदर्शिता और निजी क्षेत्र की भागीदारी से व्यक्तिगत स्वास्थ्य समाधान विकसित करने में तेजी आएगी। यह समग्र रणनीति अन्य देशों के लिए भी प्रेरणा बन सकती है जो कमजोर वर्गों के लिए भोजन सुरक्षा और पोषण संबंधी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।