दक्षिण कोरियाई सरकार ने दवा दुष्प्रभाव से संबंधित चिकित्सा खर्च के मुआवजे की सीमा को बढ़ाने की योजना की घोषणा की है। अब अस्पताल में भर्ती होने से पहले और बाद की बाह्य रोगी सेवाओं को भी मुआवजे में शामिल किया जाएगा, जिससे रोगियों की सुरक्षा और मुआवजा प्रक्रिया की पहुँच एवं गति में सुधार होगा। यह पहल दवा दुष्प्रभाव पीड़ित मुआवजा प्रणाली के दसवें वर्षगाँठ पर शुरू की गई है।
कोरिया खाद्य एवं औषधि सुरक्षा मंत्रालय के अनुसार, गंभीर मामलों के लिए चिकित्सा खर्च की अधिकतम सीमा 30 लाख से बढ़ाकर 50 लाख KRW कर दी गई है, जिसमें विषाक्त त्वचा विकृति जैसे मामले शामिल हैं। पाँच वर्षीय योजना (2026-2030) में चार मुख्य रणनीतियाँ और दस प्रमुख कार्य शामिल हैं, जैसे आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाना और भुगतान में तेजी लाना। दो लाख KRW से कम के दावे दस्तावेज़ समीक्षा के माध्यम से शीघ्र निपटाए जाएँगे।
योजना के तहत गंभीर दुष्प्रभाव वाले रोगियों के लिए समर्थन बढ़ाया जाएगा और चिकित्सा कर्मियों व आम जनता के लिए जागरूकता अभियान चलाए जाएँगे। उच्च जोखिम वाली दवाओं जैसे एंटीबायोटिक्स के लिए चिकित्सकों को विशेष जानकारी दी जाएगी। मुआवजा सलाह और आवेदन के लिए हॉटलाइन शुरू की जाएगी, और डेटा को DUR प्रणाली में जोड़ा जाएगा ताकि पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
सतत संचालन के लिए, फार्मा कंपनियों के योगदान प्रबंधन की प्रक्रिया को सरल किया जाएगा, जिससे वार्षिक संग्रहण एक बार ही होगा। कानूनी प्रावधानों के तहत, सिविल मुकदमे या समझौते की स्थिति में दोहरी मुआवजा रोकने के उपाय किए जाएँगे। मुआवजा से बाहर किए गए दवाओं के मानदंड और निर्णय के खिलाफ अपील की प्रक्रिया स्पष्ट की जाएगी। मंत्रालय ने वैश्विक स्तर की सुरक्षा प्रणाली स्थापित करने का संकल्प लिया है।