दक्षिण कोरियाई सरकार ने घोषणा की है कि जनवरी 2026 से राष्ट्रीय और आधार पेंशन में 2.1\% की वृद्धि की जाएगी, जो वार्षिक मुद्रास्फीति दर को दर्शाती है। यह निर्णय 2026 की पहली राष्ट्रीय पेंशन समीक्षा समिति की बैठक में लिया गया, जिसका उद्देश्य पेंशनधारकों की भलाई को बढ़ाना और जीवनयापन की लागत में वृद्धि के अनुसार लाभ को समायोजित करना है। मासिक आय की ऊपरी और निचली सीमा, जो पेंशन और प्रीमियम की गणना के लिए उपयोग होती है, जुलाई 2026 से बढ़ा दी जाएगी। ये उपाय पेंशन प्रणाली की स्थिरता और निष्पक्षता को मजबूत करते हैं।
लगभग 75.2 लाख राष्ट्रीय पेंशनधारकों को जनवरी से 2.1\% बढ़ी हुई पेंशन मिलेगी। आधार पेंशन की मूल राशि 3,42,510 KRW से बढ़कर 3,49,700 KRW हो जाएगी, जिससे लगभग 77.9 लाख वरिष्ठ नागरिक लाभान्वित होंगे। मासिक आय की ऊपरी सीमा 63.7 लाख से बढ़कर 65.9 लाख KRW और निचली सीमा 40,000 से बढ़कर 41,000 KRW हो जाएगी। ये बदलाव पिछले तीन वर्षों की औसत आय में 3.4\% की वृद्धि को दर्शाते हैं।
समिति ने 2026 के नए पेंशनधारकों के लिए पुनर्मूल्यांकन दर भी निर्धारित की है, जिससे पिछले आय को वर्तमान मूल्य में परिवर्तित कर पेंशन की गणना की जा सके। उदाहरण के लिए, 1988 में 1 लाख KRW की आय को 2025 में 8.528 लाख KRW के वर्तमान मूल्य में पुनर्मूल्यांकन किया जाएगा। अधिकांश योगदानकर्ता (86\%) नई आय सीमा से सीधे प्रभावित नहीं होंगे। इसके अलावा, जिन कर्मचारियों की आय में 20\% से अधिक परिवर्तन होता है, उनके लिए वास्तविक आय के अनुसार प्रीमियम भुगतान की विशेष व्यवस्था को तीन साल के लिए बढ़ा दिया गया है।
स्वास्थ्य और कल्याण मंत्रालय इन निर्णयों को लागू करने के लिए संबंधित नियमों में क्रमिक संशोधन करेगा और पेंशनधारकों व योगदानकर्ताओं को बेहतर जानकारी देगा। आय सीमा समायोजन जुलाई से लागू होगा, जबकि पेंशन वृद्धि जनवरी से ही प्रभावी है। अधिकारी नागरिकों की जरूरतों को पूरा करने और पेंशन फंड की वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए प्रणाली को लगातार अनुकूलित करते रहेंगे।
पेंशन में वृद्धि और आय सीमा समायोजन से दक्षिण कोरियाई सरकार की मुद्रास्फीति के खिलाफ पेंशनधारकों की क्रय शक्ति की रक्षा करने की प्रतिबद्धता स्पष्ट होती है। ये उपाय पेंशन प्रणाली में विश्वास को मजबूत करते हैं और वरिष्ठ नागरिकों को बेहतर वित्तीय सुरक्षा प्रदान करते हैं। दीर्घकाल में, नियमित समायोजन से प्रणाली आर्थिक और जनसांख्यिकीय परिवर्तनों के अनुसार टिकाऊ और अनुकूलनीय बनी रहेगी।