12 जून को दक्षिण कोरिया के उप प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री कू युन-चोल ने वाशिंगटन D.C. में आयोजित महत्वपूर्ण खनिज वित्त मंत्री बैठक में भाग लिया, जहां वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला की स्थिरता के लिए सहयोग के उपायों पर चर्चा हुई। इस बैठक में G7, ऑस्ट्रेलिया, भारत, मैक्सिको और यूरोपीय आयोग के प्रतिनिधि शामिल हुए, जिन्होंने महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति श्रृंखला की कमजोरियों को शीघ्रता से दूर करने की आवश्यकता पर सहमति व्यक्त की। अंतरराष्ट्रीय सहयोग को इन चुनौतियों का समाधान और रणनीतिक संसाधनों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण माना गया।
अमेरिका ने आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती के लिए ठोस कार्रवाई और निवेश की आवश्यकता पर बल दिया, और ‘डिकपलिंग’ की बजाय ‘डिरिस्किंग’ रणनीति को आगे बढ़ाने का आग्रह किया। कू युन-चोल ने दक्षिण कोरियाई कंपनियों की उत्कृष्ट शोधन और प्रसंस्करण क्षमताओं को प्रस्तुत करते हुए देशों के बीच तुलनात्मक लाभ के आधार पर वैश्विक मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने का सुझाव दिया। कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे संसाधन संपन्न देशों ने दक्षिण कोरिया के साथ शोधन और पुनर्चक्रण तकनीकी सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया।
ओपन सत्र में मंत्री कू ने परियोजना-केंद्रित सहयोग के लिए मंच तैयार करने की आवश्यकता पर बल दिया, जिससे कंपनियां ठोस साझेदारी स्थापित कर सकें। उन्होंने महत्वपूर्ण खनिजों के पुनर्चक्रण की भूमिका को आपूर्ति श्रृंखला की स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण बताया। बैठक में शामिल देशों के प्रतिनिधियों ने मौजूदा कमजोरियों को दूर करने और खनिज संसाधन क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने की साझा इच्छा व्यक्त की।
आगे चलकर, महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग के और मजबूत होने की संभावना है, जिसमें तकनीकी विकास और सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। यह प्रवृत्ति अधिक मजबूत और टिकाऊ आपूर्ति श्रृंखलाओं के निर्माण में मदद कर सकती है, जो वैश्विक ऊर्जा संक्रमण को समर्थन देगी। वाशिंगटन D.C. में हुई चर्चा भागीदार देशों के बीच नए समझौतों और रणनीतिक निवेश की शुरुआत बन सकती है।