दक्षिण कोरियाई सरकार ने 2030 तक पशु अपशिष्ट को नवीकरणीय ऊर्जा में बदलने की महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा की है। कृषि, खाद्य और ग्रामीण मामलों के मंत्रालय ने यह रणनीति तैयार की है ताकि बढ़ती हरित ऊर्जा मांग को पूरा किया जा सके और पशुपालन से होने वाले पर्यावरणीय प्रभाव को कम किया जा सके। इस परियोजना का लक्ष्य हर साल 38,000 घरों के लिए पर्याप्त बिजली का उत्पादन करना है, जिसमें पशु अपशिष्ट को ठोस ईंधन में परिवर्तित किया जाएगा।
2024 और 2025 में, बड़े बिजली संयंत्रों में ठोस ईंधन के सफल परीक्षण किए गए हैं, जिससे औद्योगीकरण का मार्ग प्रशस्त हुआ है। योजना के अनुसार 2030 तक हर साल 11.8 लाख टन पशु अपशिष्ट को ठोस ईंधन में बदल दिया जाएगा, जिससे 5 लाख टन ग्रीनहाउस गैसों की कटौती होगी, जो लगभग 3.6 लाख वाहनों के बराबर है।
ईंधन की गुणवत्ता सुधारने के लिए सरकार किसानों को अपशिष्ट की त्वरित संग्रहण और चावल की भूसी जैसी सामग्री के उपयोग में सहायता कर रही है। कार्बन कटौती में योगदान देने वाले किसानों को प्रोत्साहन मिलेगा, और दहन के बाद उत्पन्न राख को उर्वरक या कच्चे माल के रूप में पुनः उपयोग किया जाएगा। पर्यावरण और ऊर्जा मंत्रालय के सहयोग से उत्पादन मानकों को आसान बनाया गया है, जिससे उच्च नमी वाले अपशिष्ट को भी ऊर्जा में बदलना संभव हो सकेगा।
2030 तक 25 ठोस ईंधन उत्पादन केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जिससे आपूर्ति स्थिर रहेगी। सरकार बिजली संयंत्रों के बुनियादी ढांचे को सुधारने और कृषि व संबंधित उद्योगों में ठोस ईंधन बॉयलर के उपयोग को बढ़ावा देने की योजना बना रही है। उत्पादन प्रक्रिया के मानकीकरण और वित्तीय सहायता से क्षेत्र की आर्थिकता और स्थिरता बढ़ेगी।