[2026-01-13]कोरिया में बड़े द्रोहों के लिए नये चुनाव और सुवार्थना बदलाव

दक्षिण कोरिया अपने न्यायिक तंत्र में बड़ा सुधार कर रहा है, जिसमें जांच और अभियोजन की भूमिकाओं को अलग किया जा रहा है। अब अभियोजकों के पास सीधे जांच शुरू करने का अधिकार नहीं होगा, यह अधिकार गंभीर अपराध जांच एजेंसी (सीआईडी) को स्थानांतरित कर दिया गया है। अभियोजकों की भूमिका अब केवल अभियोजन और केस की देखरेख तक सीमित रहेगी, जिससे जांच अधिकारों के दुरुपयोग की संभावना कम होगी।

गृह मंत्रालय के मंत्री के निर्देशन में सीआईडी भ्रष्टाचार, आर्थिक अपराध, सरकारी अधिकारी, चुनाव, रक्षा, बड़े हादसे, मादक पदार्थ, राष्ट्रीय सुरक्षा और साइबर अपराध जैसे 9 प्रमुख गंभीर अपराधों की जांच करेगी। अभियोजन और सीआईडी के संचालन के लिए आवश्यक कानून 12 से 26 जून तक सार्वजनिक राय के लिए प्रस्तुत किए जाएंगे, और अक्टूबर में लागू होने की संभावना है।

12 जून को आयोजित प्रेस वार्ता में सरकारी समन्वय प्रमुख यून चांग-रयोल ने अभियोजकों की जिम्मेदारी और नियंत्रण को मजबूत करने के लिए इस सुधार की आवश्यकता पर बल दिया। नए कानूनों के तहत प्रत्येक क्षेत्रीय कार्यालय में केस समीक्षा समिति बनाई जाएगी, जिससे प्रमुख निर्णयों में जनता की राय शामिल हो सकेगी। साथ ही, अभियोजकों की योग्यता जांच समिति में बाहरी सदस्यों की संख्या बढ़ाई जाएगी ताकि निष्पक्षता सुनिश्चित हो सके।

आगे चलकर सीआईडी में विशेषज्ञ जांचकर्ता और न्यायिक अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे, और आंतरिक स्थानांतरण तथा बाहरी विशेषज्ञों (जैसे पुलिस, अन्य क्षेत्रों के विशेषज्ञ) के लिए लचीला ढांचा बनाया जाएगा। यह सुधार गंभीर अपराधों की जांच की दक्षता बढ़ाने, नागरिक अधिकारों की सुरक्षा मजबूत करने और गृह मंत्रालय के मंत्री द्वारा उचित निगरानी सुनिश्चित करने की उम्मीद है।


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🎯 metaqsol opinion:
दक्षिण कोरिया में जांच और अभियोजन के कार्यों का विभाजन न्यायिक पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। अभियोजकों के जांच अधिकार सीमित होने से दुरुपयोग की संभावना घटती है, वहीं सीआईडी की स्थापना गंभीर अपराधों के मामलों में विशेषज्ञता और दक्षता बढ़ाती है। यह सुधार अन्य देशों के लिए न्यायिक तंत्र के आधुनिकीकरण और जनता के विश्वास को बढ़ाने का मॉडल बन सकता है।

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