राष्ट्रीय कृत्रिम बुद्धिमत्ता रणनीति समिति ने मशीन लर्निंग आधारित किराए की धोखाधड़ी जोखिम निदान मॉडल के विकास की घोषणा की है। यह मॉडल उपलब्ध डेटा का विश्लेषण करके किराए की धोखाधड़ी के संकेतों का पहले से पता लगाने का लक्ष्य रखता है।
मॉडल किराए के डेटा में पैटर्न और विसंगतियों की पहचान करने के लिए मशीन लर्निंग तकनीकों का उपयोग करता है। यह संभावित धोखाधड़ी के जोखिमों की भविष्यवाणी करने की अनुमति देता है, जिससे किरायेदारों को बेहतर सुरक्षा मिलती है।
इस मॉडल का विकास अभी परीक्षण चरण में है और प्रारंभिक परिणाम आशाजनक हैं। समिति उम्मीद करती है कि इस तकनीक को बड़े पैमाने पर लागू किया जा सकेगा ताकि किराए की धोखाधड़ी के मामलों को कम किया जा सके।
अधिक जानकारी के लिए कृपया राष्ट्रीय कृत्रिम बुद्धिमत्ता रणनीति समिति द्वारा प्रदान की गई संलग्न फ़ाइल देखें।