आज (16 दिसंबर) नागरिकों के जीवन और आर्थिक गतिविधियों के मूलभूत कानून “नागरिक संहिता” को आधुनिक बनाने के पहले कार्य – “अनुबंध कानून” के संशोधन प्रस्ताव को मंत्रिमंडल की बैठक में पारित किया गया।
“अनुबंध कानून” का संशोधन 67 वर्षों में पहली बार नागरिक संहिता का पूर्ण संशोधन है, जो बदलती वास्तविकता को दर्शाता है।
विस्तृत जानकारी संलग्न फ़ाइल में देखी जा सकती है।