सरकार ‘सोलर इनकम विलेज’ परियोजना को पूरे देश में फैलाने की योजना बना रही है, जिससे ऊर्जा आत्मनिर्भरता और ग्रामीणों की आय दोनों को बढ़ाया जा सके।
गृह मंत्रालय ने 16 अक्टूबर को कैबिनेट बैठक में ‘सोलर इनकम विलेज’ परियोजना के विस्तार की योजना प्रस्तुत की, जिसे कृषि और खाद्य मंत्रालय, जलवायु ऊर्जा और पर्यावरण मंत्रालय के साथ मिलकर तैयार किया गया है। सरकार ने इस परियोजना के लिए व्यापक समर्थन की घोषणा की है।
‘सोलर इनकम विलेज’ परियोजना एक व्यापार मॉडल है जिसमें ग्रामीण समुदाय खाली भूमि, कृषि भूमि और जलाशयों पर सोलर पावर प्लांट स्थापित और संचालित करते हैं, जिससे ऊर्जा आत्मनिर्भरता प्राप्त होती है और उत्पादन से होने वाली आय ग्रामीणों के बीच साझा की जाती है। इस परियोजना का उद्देश्य ऊर्जा परिवर्तन, क्षेत्रीय आय सृजन और सामुदायिक सक्रियता को एक साथ प्राप्त करना है।
सरकार इस परियोजना को लागू करने के लिए गृह मंत्रालय के तहत एक नई इकाई स्थापित करेगी। यह इकाई संबंधित मंत्रालयों और सार्वजनिक संस्थानों के साथ मिलकर परियोजना की योजना और कार्यान्वयन का समर्थन करेगी, जिसमें बिजली ग्रिड कनेक्शन, भूमि उपलब्धता और वित्तीय सहायता जैसे महत्वपूर्ण तत्वों को एकीकृत किया जाएगा।