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[2025-12-10]किम हे क्योन्ग जी ने विदेशी राजदूतावलियों की पत्नियों के साथ की किम्ची बनाने की व्यवस्था

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सोल में हन-शिक सांस्कृतिक केंद्र ‘ईयूम’ में किम हे-क्यॉन्ग ने कोरिया में स्थित विदेशी राजदूतों की पत्नियों को किमची बनाने के कार्यक्रम में आमंत्रित किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य 2013 में यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर के रूप में सूचीबद्ध कोरियाई किमची संस्कृति का विश्व भर में प्रचार करना है, साथ ही विभिन्न देशों में निर्यात होने वाले किमची और के-फूड से सांस्कृतिक सामंजस्य स्थापित करना है।

इस कार्यक्रम में आर्गेंटिना, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, फ्रांस, भारत, जापान, मलेशिया, मंगोलिया, नीदरलैंड, थाईलैंड, यू.के. के 11 देशों के राजदूतों की पत्नियाँ और कोरियाई किमची विशेषज्ञ ली हायॉन ने भाग लिया। किम हे-क्यॉन्ग ने बताया कि किमची नहीं बल्कि किमची बनाने की परंपरा यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर में सूचीबद्ध है। उन्होंने उपस्थित लोगों के साथ किमची बनाने का अभ्यास किया, और सभी ने अपने-अपने खाद्य संस्कृति के अनुसार सामग्री तैयार की।

कार्यक्रम के बाद स्वाद परीक्षण के समय किमची के साथ चावल, सुअर का मांस, टोफू और बैचू 된장 सूप परोसा गया। किम हे-क्यॉन्ग ने विभिन्न प्रकार के किमची का परिचय दिया और बताया कि राष्ट्रपति ली जे-म्यूंग की पसंदीदा किमची सफेद किमची है। उपस्थित लोगों ने कई सामग्री से बने किमची के स्वाद में गहरी रुचि दिखाई और सभी ने ‘किमची डे’ के बारे में बातें की।

भारत के राजदूत की पत्नी हर्षा दास ने कहा कि टी.वी. पर मंदिरे समय की तुलना में किमची बनाना कठिन था लेकिन मजेदार था। नीदरलैंड के राजदूत की पत्नी जॉन मिचेल ने कहा कि हमें किमची बनाते हुए एकता महसूस हुई। कार्यक्रम का समापन करते हुए किम हे-क्यॉन्ग ने कहा कि वे वर्ष में किमची बनाने में कभी चूक नहीं की, लेकिन इस वर्ष सभी के साथ मिलकर बनाना खास था और उन्होंने सांस्कृतिक मेलजोल की आशा व्यक्त की।

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