[2026-01-28]कोरिया में नई पीढ़ी की स्मार्ट पावर ग्रिड से ऊर्जा क्षेत्र में बदलाव

कोरिया पारंपरिक केंद्रीकृत पावर ग्रिड से हटकर एक नई पीढ़ी की स्मार्ट ग्रिड प्रणाली की ओर बढ़ रहा है, जो बढ़ती नवीकरणीय ऊर्जा और बिजली की मांग को ध्यान में रखता है। ‘K-GRID टैलेंट एंड स्टार्टअप वैली’ परियोजना, कोरिया एनर्जी साइंस यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर किम ही-ताए के नेतृत्व में, ऊर्जा भंडारण (ESS) और वर्चुअल पावर प्लांट (VPP) जैसी वितरित संसाधनों के एकीकरण पर केंद्रित है।

नई प्रणाली में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग कर बिजली के उत्पादन, भंडारण और खपत का अनुकूलन किया जाता है, जिससे नवीकरणीय ऊर्जा की अस्थिरता कम होती है। दक्षिण जिओला प्रांत, जो सौर और पवन ऊर्जा की प्रचुरता के लिए जाना जाता है, को पायलट क्षेत्र के रूप में चुना गया है। डेटा और डिजिटल तकनीक बिजली की मांग और उत्पादन की सटीक भविष्यवाणी तथा उपयुक्त मूल्य निर्धारण नीति के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

प्रोफेसर किम के अनुसार, AI जटिल डेटा का विश्लेषण कर सटीक पूर्वानुमान बनाता है, जिससे सामाजिक घटनाओं सहित बिजली की मांग का बेहतर प्रबंधन संभव होता है। वे इस बात पर भी जोर देते हैं कि उपभोक्ताओं को अतिरिक्त बिजली बेचने और बाजार के लिए अनुकूल नीतियों के विकास की आवश्यकता है। परियोजना का मुख्य उद्देश्य आपूर्ति की स्थिरता बनाए रखना, लागत कम करना और औद्योगिक नवाचार को बढ़ावा देना है।

भविष्य में, स्मार्ट ग्रिड नागरिकों को V2G (Vehicle to Grid) जैसी तकनीकों का लाभ उठाने, बिजली बिल कम करने और ऊर्जा बाजार में सक्रिय भागीदारी का अवसर देगा। यह मॉडल नए औद्योगिक इकोसिस्टम का निर्माण, युवाओं को आकर्षित करने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में मदद करेगा, जिससे कोरिया वैश्विक स्तर पर स्मार्ट और सतत ऊर्जा प्रबंधन में अग्रणी बन सकेगा।


🔗 Original source

🎯 metaqsol opinion:
कोरिया का स्मार्ट ग्रिड मॉडल दिखाता है कि कैसे AI और डिजिटल तकनीकें ऊर्जा अवसंरचना को अधिक लचीला, कुशल और सहभागी बना सकती हैं। यह पहल न केवल ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करती है, बल्कि आर्थिक विकास और नागरिक भागीदारी के नए रास्ते भी खोलती है। अन्य देशों के लिए यह एक प्रेरणादायक उदाहरण बन सकता है जो स्वच्छ और स्मार्ट ऊर्जा संक्रमण की दिशा में अग्रसर हैं।

Leave a Comment