[2026-01-27]दक्षिण कोरिया ने सर्कुलर इकोनॉमी के लिए राष्ट्रीय नीति की शुरुआत की

दक्षिण कोरिया सरकार ने सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा देने के लिए एक व्यापक नीति की घोषणा की है, जिसमें सिंगल-यूज़ उत्पादों में कमी, पुनर्चक्रण, ऊर्जा उत्पादन और भविष्य के कचरे के प्रबंधन को शामिल किया गया है। जलवायु, ऊर्जा और पर्यावरण मंत्रालय ने 26 जून 2024 को संसाधन चक्रण विभाग की प्रमुख कार्ययोजना जारी की। सियोल में आयोजित ‘2025 कोरिया सर्कुलर इकोनॉमी फेस्टिवल’ में रीमैन्युफैक्चर इलेक्ट्रिक व्हीकल बैटरी पैक प्रदर्शित किए गए, जो देश की तकनीकी प्रगति को दर्शाते हैं। इस पहल का उद्देश्य दैनिक जीवन में चक्रण को आत्मसात करना और भविष्य के लिए संसाधन प्रबंधन की तैयारी करना है।

नीति में सिंगल-यूज़ उत्पादों पर नियमों में संशोधन, मल्टी-यूज़ कंटेनर के उपयोग को बढ़ावा देना और सरकारी भवनों में डिस्पोजेबल कप पर प्रतिबंध शामिल है। पुराने कपड़ों का पुनर्चक्रण, फूड पैकेजिंग पेपर के पृथक्करण में सुधार और पुराने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए कलेक्शन पॉइंट्स की संख्या 40,000 तक बढ़ाना भी योजना का हिस्सा है, जो पिछले साल से दोगुना है। सरकार बायोमास से ऊर्जा उत्पादन को भी प्रोत्साहित कर रही है और निजी क्षेत्र के लिए लक्ष्य तय कर रही है।

दुर्लभ खनिजों की पुनर्प्राप्ति के लिए दूरसंचार उपकरणों के पुनर्चक्रण हेतु पायलट प्रोजेक्ट्स शुरू किए गए हैं, जिसमें विज्ञान मंत्रालय और प्रमुख टेलीकॉम कंपनियों की भागीदारी है। सोलर पैनल और लिथियम आयरन फॉस्फेट बैटरियों के पुनर्चक्रण के लिए उन्नत तकनीकों का विकास किया जा रहा है। कोरियाई ईको-डिज़ाइन मानकों को लागू करने की योजना है, जिसमें उत्पादों की डिजाइनिंग के समय ही पर्यावरणीय मानकों का ध्यान रखा जाएगा, जैसा कि यूरोपीय संघ में किया जा रहा है।

मध्यम और दीर्घकालिक रूप से, दक्षिण कोरिया 2025 से 2036 तक के लिए 10 वर्षीय सर्कुलर इकोनॉमी रणनीति लागू करेगा। इसमें राष्ट्रीय लक्ष्य, मटेरियल फ्लो एनालिसिस और एक केंद्रीकृत सूचना प्रणाली का निर्माण शामिल है। तकनीकी नवाचार, पुरानी बैटरियों के ऑटोमेटेड डिसमेंटलिंग और उच्च मूल्य वाले मटेरियल की पुनर्प्राप्ति को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे देश की अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।


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🎯 metaqsol opinion:
यह नीति दक्षिण कोरिया के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव है, जो उसे वैश्विक सर्कुलर इकोनॉमी मानकों के करीब लाती है। ईको-डिज़ाइन का एकीकरण और उन्नत पुनर्चक्रण तकनीकों का विकास देश को सतत संसाधन प्रबंधन में अग्रणी बना सकता है। दीर्घकाल में, ये कदम अन्य देशों के लिए भी प्रेरणा बन सकते हैं, जो वैश्विक पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।

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