[2026-01-26]कोरियाई राष्ट्रीय धरोहर पोर्टल अब और अधिक उपयोगकर्ता अनुकूल रूप में उपलब्ध

कोरिया के नेशनल रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ कल्चरल हेरिटेज (NRICH) ने अपने ‘नेशनल हेरिटेज नॉलेज ई-ईउम’ पोर्टल का पूर्ण रूप से नवीनीकरण किया है, जिससे शोध उपलब्धियों और डिजिटल संसाधनों तक सभी के लिए अधिक सहज और स्पष्ट पहुँच संभव हो सके। यह एकीकृत पोर्टल अब बेहतर यूजर इंटरफेस और समृद्ध कंटेंट के साथ शोधकर्ताओं और आम जनता दोनों की आवश्यकताओं को पूरा करता है। इसका मुख्य उद्देश्य कोरियाई सांस्कृतिक खजानों की जानकारी का लोकतंत्रीकरण करना और डिजिटल युग में धरोहर ज्ञान के प्रसार को आधुनिक बनाना है।

नई सुविधाओं में 43 राष्ट्रीय खजाने/धरोहर के रूप में नामित डॉक्यूमेंट्री पेंटिंग्स का डेटाबेस शामिल है, जिसमें उच्च गुणवत्ता की छवियाँ, निर्माण तिथि, आकार, संग्रह स्थान और विस्तृत व्याख्याएँ उपलब्ध हैं। अंतरराष्ट्रीय शोधकर्ताओं के लिए ‘आर्टिस्टिक हेरिटेज ऑफ कोरिया’ नामक अंग्रेज़ी मेन्यू जोड़ा गया है, जिसमें बौद्ध चित्र, पोर्ट्रेट, रिकॉर्ड पेंटिंग्स और मूल कला सामग्री से संबंधित शोध परिणाम साझा किए गए हैं। उपयोगकर्ता नवीनतम शिलालेख और कोरियाई पुरातत्व जर्नल की सामग्रियों तक भी पहुँच सकते हैं।

पहली बार, थीम आधारित कंटेंट पेश किया गया है, जिससे आम लोग भी शोध उपलब्धियों को रोचक तरीके से देख सकते हैं। फिलहाल दो थीम उपलब्ध हैं: ‘6 राष्ट्रीय खजानों का संरक्षण उपचार’, जिसमें सामग्री के आधार पर संरक्षित वस्तुएँ दिखाई गई हैं, और ‘माबु-जोंगजे’, जो 2026 के घोड़े के वर्ष के उपलक्ष्य में प्राचीन घोड़ों पर NRICH द्वारा किए गए शोध का संपूर्ण विवरण देता है। इसके अलावा, शैक्षणिक सम्मेलन आर्काइव में प्रस्तुतियाँ और वीडियो भी व्यवस्थित रूप से उपलब्ध हैं।

नए पोर्टल के साथ-साथ NRICH की मुख्य कोरियाई और अंग्रेज़ी वेबसाइट्स का भी इंटरफेस अधिक यूज़र-फ्रेंडली बनाया गया है। भविष्य में, NRICH और अधिक शोध उपलब्धियों को सार्वजनिक करने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सेवाओं का विस्तार करने की योजना बना रहा है, जिससे कोरिया का वैश्विक AI उपयोग में अग्रणी बनने का लक्ष्य भी साकार होगा।


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🎯 metaqsol opinion:
NRICH पोर्टल का यह नवीनीकरण सांस्कृतिक धरोहर के प्रबंधन और प्रसार में डिजिटल तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते उपयोग को दर्शाता है। बहुभाषी और समृद्ध डेटा उपलब्ध कराकर यह अंतरराष्ट्रीय शोध सहयोग और सांस्कृतिक शिक्षा को बढ़ावा देता है। यह पहल कोरिया को सांस्कृतिक धरोहर के डिजिटलीकरण में अग्रणी बनाती है और AI के माध्यम से संरक्षण, विश्लेषण और संचार के नए अवसर खोलती है।

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