कोरिया रोग नियंत्रण और रोकथाम एजेंसी (KDCA) के तहत राष्ट्रीय स्वास्थ्य अनुसंधान संस्थान ने मस्तिष्क रोग अनुसंधान आधार परियोजना (BRIDGE) के प्रमुख परिणामों का संकलन प्रकाशित किया है। यह परियोजना डिमेंशिया और पार्किंसन रोग के कारणों की समझ, शीघ्र पहचान और पूर्वानुमान पर केंद्रित है। इसमें बहु-मॉडल डेटा संग्रह, उन्नयन और व्यावहारिक हस्तक्षेप व प्रबंधन तकनीकों का विकास शामिल है, जिससे कोरियाई आबादी के लिए अनुकूलित रोग प्रबंधन रणनीतियाँ तैयार की जा रही हैं।
2021 से, BRIDGE प्लेटफार्म ने 101 अंतरराष्ट्रीय शोध पत्र प्रकाशित किए हैं, 5 पेटेंट दर्ज किए हैं और 2025 में 45.5% प्रकाशन शीर्ष 5% इम्पैक्ट फैक्टर में होंगे। अनुसंधान में मस्तिष्क इमेजिंग (PET, MRI) और क्लिनिकल संकेतकों के दीर्घकालिक डेटा का AI के साथ विश्लेषण किया गया, जिससे लक्षण प्रकट होने से पहले ही रोग की प्रगति का पता लगाया जा सकता है। उदाहरण के लिए, बड़े MRI डेटा का डीप लर्निंग विश्लेषण कर उच्च जोखिम वाले मरीजों की पहचान की गई।
व्यावहारिक हस्तक्षेप अनुसंधान में 1,144 कोरियाई वयस्कों पर किए गए मल्टीसेंटर अध्ययन में पाया गया कि अधिक शारीरिक सक्रियता वाले समूह में न्यूरोडीजेनेरेटिव बायोमार्कर (p-tau217, NfL, GFAP) कम और संज्ञानात्मक कार्य बेहतर थे। यह परिणाम JAMA Network Open में प्रकाशित हुआ, जिससे जीवनशैली और जैविक संकेतकों के संबंध की पुष्टि हुई। कोरियाई विशिष्ट विश्लेषण से अल्जाइमर और पार्किंसन के अद्वितीय जोखिम कारक और नैदानिक विशेषताएँ भी सामने आईं।
संस्थान का कहना है कि ये उपलब्धियाँ कोरिया में मस्तिष्क रोगों के एकीकृत और व्यक्तिगत प्रबंधन की दिशा में पहला कदम हैं। प्रकाशित संकलन से राष्ट्रीय मस्तिष्क रोग अनुसंधान की प्रगति और भविष्य की संभावनाओं का अवलोकन मिलता है। परिणाम KDCA और अनुसंधान संस्थान की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। कोरियाई स्वास्थ्य प्राधिकरण इस डेटा इन्फ्रास्ट्रक्चर के आधार पर शीघ्र पहचान और व्यक्तिगत प्रबंधन तकनीकों के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं।
कोरिया का दृष्टिकोण, जिसमें AI, राष्ट्रीय कोहोर्ट विश्लेषण और प्रबंधन की व्यक्तिगत रणनीतियाँ शामिल हैं, स्वास्थ्य डेटा इन्फ्रास्ट्रक्चर की शक्ति को दर्शाता है। यह मॉडल अन्य देशों को भी राष्ट्रीय डेटा आधार में निवेश के लिए प्रेरित कर सकता है, जिससे न्यूरोडीजेनेरेटिव रोगों की बेहतर समझ और उपचार संभव हो सके। जनसंख्या-विशिष्ट कारकों का एकीकरण रोकथाम और उपचार को अनुकूलित करता है और बड़े पैमाने पर सटीक चिकित्सा का मार्ग प्रशस्त करता है।
दक्षिण कोरिया की BRIDGE परियोजना बड़े पैमाने पर स्वास्थ्य डेटा संग्रहण और एकीकरण की शक्ति को दर्शाती है, जिससे न्यूरोडीजेनेरेटिव रोग अनुसंधान में तेजी आती है। इमेजिंग और बायोमार्कर विश्लेषण में AI का उपयोग जोखिम समूहों की शीघ्र पहचान में सहायक है, जो रोकथाम और व्यक्तिगत प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण है। यह सहयोगी अनुसंधान और एकीकृत प्रबंधन मॉडल वैश्विक स्तर पर उदाहरण बन सकता है और वृद्ध होती आबादी के लिए नवाचार को प्रेरित कर सकता है।