कोरिया मौसम प्रशासन (KMA) ने 2026 के लिए वार्षिक जलवायु पूर्वानुमान जारी किया है, जिसमें 2025 से लागू उन्नत DePreSys4 प्रणाली का उपयोग किया गया है। यह मॉडल वायुमंडल, महासागर, समुद्री बर्फ और स्थलमंडल को एकीकृत करता है, जिससे तेजी से बदलती वैश्विक जलवायु को बेहतर ढंग से दर्शाया जा सके। पिछले तीन वर्षों में रिकॉर्ड उच्च तापमान और समुद्री सतह तापमान दर्ज किए गए हैं, और यह प्रवृत्ति 2026 में भी जारी रहने की संभावना है। यह नई प्रणाली आपदा प्रबंधन के लिए अधिक सटीक वैज्ञानिक जानकारी प्रदान करने का उद्देश्य रखती है।
मॉडल के अनुसार, दक्षिण कोरिया में 2026 का औसत वार्षिक तापमान सामान्य (12.3~12.7°C) से अधिक रहने की 70% संभावना है, जबकि वर्षा सामान्य (1193.2~1444.0 मिमी) के आसपास रहने की संभावना है। कोरिया प्रायद्वीप के आसपास समुद्री सतह तापमान भी सामान्य (16.4~16.6°C) से अधिक रहने की 80% संभावना है। ये पूर्वानुमान 10 एन्सेम्बल सदस्यों के विश्लेषण पर आधारित हैं, जिससे परिणामों की विश्वसनीयता बढ़ती है।
मॉडल के अनुसार, उत्तरी गोलार्ध में उच्च दबाव प्रणालियाँ सामान्य से अधिक मजबूत होंगी, विशेष रूप से यूरोप से पूर्वी एशिया तक, जिससे कोरिया में तापमान बढ़ेगा। वर्षा सामान्य रहने की संभावना है, लेकिन गर्म और नम वायु तथा ठंडी निम्न दबाव प्रणालियों के टकराव से क्षेत्रीय स्तर पर भारी वर्षा भी हो सकती है। KMA प्रमुख ली मी-सन ने हीटवेव, उच्च समुद्री तापमान और वर्षा में उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहने की आवश्यकता पर बल दिया।
आगे चलकर, KMA आपदा प्रबंधन एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय को मजबूत करेगा ताकि चरम मौसम की घटनाओं से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके। नागरिकों को वार्षिक जलवायु पूर्वानुमान की विस्तृत जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टलों पर जाने की सलाह दी जाती है। ये निष्कर्ष जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभाव के प्रति अनुकूलन और तैयारी के महत्व को रेखांकित करते हैं।
DePreSys4 जैसे एकीकृत जलवायु मॉडल का उपयोग जलवायु जोखिमों के पूर्वानुमान और प्रबंधन में एक महत्वपूर्ण प्रगति है। यह दृष्टिकोण जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का अधिक सटीक पूर्वानुमान लगाने में मदद करता है, जिससे नीति निर्धारण और लचीलापन बढ़ाने के लिए आवश्यक उपकरण मिलते हैं। बढ़ते तापमान और वर्षा में अस्थिरता के मद्देनज़र, स्थानीय अनुकूलन, सक्रिय आपदा प्रबंधन और जन जागरूकता पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है।