20 जनवरी 2026 को, सेजोंग रिसर्च इंस्टीट्यूट के किम जोंग-सोप की अध्यक्षता में गठित विशेष सलाहकार समिति ने 30 सितंबर से 23 दिसंबर 2025 के बीच हुई 10 बैठकों के बाद अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस समिति का उद्देश्य आंतरिक संकटों से उबरना और भविष्य की रक्षा संरचना तैयार करना था, जिसमें जनसंख्या में गिरावट, एआई जैसी उन्नत तकनीकों का विकास और पारंपरिक व गैर-पारंपरिक खतरों की विविधता को ध्यान में रखा गया।
रिपोर्ट में चार प्रमुख क्षेत्रों में सुधार की सिफारिश की गई है: भविष्य की रक्षा रणनीति की अवधारणा, कमांड/यूनिट संरचना में बदलाव, सैन्य शक्ति का आधुनिकीकरण और मानव संसाधन संरचना में सुधार। इसमें कोरिया-अमेरिका गठबंधन को मजबूत बनाए रखने, अनुकूलित प्रतिरोध प्रणाली बनाने और उपग्रह, बैलिस्टिक मिसाइल जैसी उन्नत तकनीकों के एकीकरण पर जोर दिया गया है।
सिफारिशों में संयुक्त संचालन कमान की स्थापना, रणनीतिक कमान की भूमिका को पुनर्परिभाषित करना और ड्रोन संचालन कमान को समाप्त करना शामिल है ताकि दक्षता बढ़ाई जा सके। रिपोर्ट में स्पेस कमांड की स्थापना, यूनिट संरचना का अनुकूलन और रक्षा आरएंडडी बजट में सालाना 10% से अधिक वृद्धि के साथ एआई, रक्षा सेमीकंडक्टर और रोबोटिक्स में निवेश की आवश्यकता बताई गई है।
कम होती सैन्य जनसंख्या के मद्देनज़र, रिपोर्ट में नागरिक और विशेषज्ञों की भागीदारी बढ़ाने, अधिकारियों के लिए सेवा शर्तों में सुधार और भर्ती प्रणाली में बदलाव की सिफारिश की गई है। लक्ष्य 3.5 लाख सक्रिय सैनिकों और 1.5 लाख नागरिक व विशेषज्ञों सहित कुल 5 लाख से अधिक की रक्षा शक्ति बनाए रखना है। समिति ने चरणबद्ध क्रियान्वयन, कानूनी ढांचे और स्थिर बजट आवंटन पर जोर दिया है।
दक्षिण कोरिया की रक्षा सुधार नीति 21वीं सदी की जनसंख्या और तकनीकी चुनौतियों के प्रति सक्रिय अनुकूलन का उदाहरण है। सेना में एआई, रोबोटिक्स और नागरिक विशेषज्ञों का समावेश अन्य देशों के लिए एक मॉडल बन सकता है जो मिश्रित खतरों और मानव संसाधन की कमी का सामना कर रहे हैं। इस बदलाव की सफलता नवाचार, सुरक्षा और सामाजिक स्वीकृति के संतुलन तथा मजबूत नीतिगत समर्थन पर निर्भर करेगी।