कोरिया के स्वास्थ्य और कल्याण मंत्रालय ने घोषणा की है कि 2025 में डॉक्टर हेलीकॉप्टर और गंभीर मरीजों के लिए विशेष एम्बुलेंस (MICU) ने 1,414 गंभीर आपातकालीन मरीजों के इलाज और स्थानांतरण में महत्वपूर्ण योगदान दिया। ये सेवाएं विशेष रूप से उन क्षेत्रों में कारगर हैं जहाँ सड़क मार्ग से पहुँचना कठिन है या ट्रैफिक जाम की वजह से देरी होती है। गंभीर ट्रॉमा, हृदय या मस्तिष्क संबंधी बीमारियों के मरीजों को समय पर अस्पताल पहुँचाना और रास्ते में उचित इलाज देना जीवनरक्षक साबित होता है।
2025 में, आठ डॉक्टर हेलीकॉप्टरों ने 1,075 मरीजों को स्थानांतरित किया, जिसमें 515 गंभीर ट्रॉमा और 163 हृदय या मस्तिष्क रोगी शामिल थे। 2011 से 2025 तक कुल 16,057 मरीजों को डॉक्टर हेलीकॉप्टर द्वारा स्थानांतरित किया गया। MICU एम्बुलेंस, जो 2024 के अंत से ग्योंगी क्षेत्र में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में संचालित हो रही है, ने 339 गंभीर मरीजों को सुरक्षित रूप से स्थानांतरित किया, जिनमें नवजात शिशु भी शामिल हैं जिन्हें विशेष उपचार की आवश्यकता थी।
वास्तविक मामलों में, एक मोटरसाइकिल दुर्घटना के शिकार व्यक्ति को 12 मिनट में अस्पताल पहुँचाया गया और तुरंत इलाज शुरू किया गया। एक महिला जो द्वीप पर घायल हुई थी, उसे भी तेज़ी से अस्पताल पहुँचाया गया और आवश्यक आपातकालीन देखभाल मिली। MICU एम्बुलेंस ने नवजात शिशुओं और गंभीर रूप से बीमार मरीजों को वेंटिलेटर या ECMO जैसी उन्नत चिकित्सा सहायता के साथ सुरक्षित रूप से स्थानांतरित किया।
मंत्रालय ने 2025 में एक अतिरिक्त डॉक्टर हेलीकॉप्टर जोड़ने और दो छोटे हेलीकॉप्टरों को मीडियम साइज हेलीकॉप्टर से बदलने की योजना बनाई है। एक और MICU एम्बुलेंस भी जोड़ी जाएगी ताकि सेवा का विस्तार हो सके। इन पहलों का उद्देश्य गंभीर मरीजों को समय पर और विशेषज्ञ उपचार प्रदान करना और आपातकालीन स्थितियों में मृत्यु दर को कम करना है।
कोरिया के स्वास्थ्य तंत्र में डॉक्टर हेलीकॉप्टर और MICU एम्बुलेंस का समावेश गंभीर मरीजों की आपातकालीन देखभाल में एक बड़ा नवाचार है। यह मॉडल, जो तेज़ प्रतिक्रिया और विशेषज्ञता पर आधारित है, उन देशों के लिए अनुकरणीय हो सकता है जहाँ भौगोलिक या यातायात संबंधी चुनौतियाँ हैं। मोबाइल चिकित्सा इन्फ्रास्ट्रक्चर और टीमों के प्रशिक्षण में निरंतर निवेश से मरीजों की जान बचाने और स्वास्थ्य तंत्र की आपात स्थितियों में क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी।