[2026-01-18]दक्षिण कोरिया अक्टूबर में तंबाकू के हानिकारक तत्वों की जांच रिपोर्ट जारी करेगा

दक्षिण कोरिया की खाद्य एवं औषधि सुरक्षा प्रशासन (MFDS) ने घोषणा की है कि वह अक्टूबर में तंबाकू में मौजूद हानिकारक तत्वों की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करेगी। यह कदम नवंबर 2023 से लागू ‘तंबाकू हानिकारक तत्व प्रबंधन कानून’ के तहत उठाया गया है, जिसका उद्देश्य तंबाकू के खतरों की जानकारी का व्यवस्थित प्रबंधन और पारदर्शिता बढ़ाना है। तंबाकू निर्माता और आयातक इस माह के अंत तक जांच के लिए सैंपल अधिकृत प्रयोगशालाओं को भेजेंगे और परिणाम MFDS को सौंपेंगे। यह नीति नागरिकों के सूचना के अधिकार और स्वास्थ्य सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई है।

नियमों के अनुसार, निर्माता या आयातक को मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं से जांच करानी होगी और परिणाम MFDS को भेजने होंगे। एजेंसी प्रयोगशालाओं के साथ मिलकर जांच प्रक्रिया को कुशल बनाएगी और ISO 17025 अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करने वाली नई प्रयोगशालाओं को शीघ्रता से नामित करेगी। इस माह एक ऑनलाइन सिस्टम भी शुरू किया जाएगा, जिससे परिणाम जमा करना आसान होगा और एक वैज्ञानिक डाटाबेस नीति निर्माण में मदद करेगा।

जांच रिपोर्ट अक्टूबर में तंबाकू हानिकारक तत्व प्रबंधन नीति समिति की समीक्षा के बाद सार्वजनिक की जाएगी। जानकारी को आम जनता के लिए सोशल मीडिया जैसे माध्यमों से सरल भाषा में साझा किया जाएगा और अन्य विभागों के साथ मिलकर उपभोक्ताओं को लाभकारी जानकारी देने के उपायों पर शोध जारी रहेगा। उद्योग में भ्रम कम करने के लिए ऑनलाइन नीति सेमिनार आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें जांच प्रक्रिया और रिपोर्ट सार्वजनिक करने की जानकारी दी जा रही है।

MFDS नए प्रकार के तंबाकू उत्पादों जैसे सिंथेटिक निकोटिन युक्त ई-सिगरेट, सिगार, हुक्का और निकोटिन पाउच के लिए भी जांच विधियां विकसित कर रहा है। लक्ष्य है कि सभी तंबाकू उत्पादों की जांच का दायरा बढ़ाया जाए और जनस्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत किया जाए। यह नीति WHO के तंबाकू नियंत्रण फ्रेमवर्क के अनुरूप है और धूम्रपान रोकथाम व तंबाकू छोड़ने के लिए अनुकूल वातावरण बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।


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🎯 metaqsol opinion:
दक्षिण कोरिया द्वारा तंबाकू के हानिकारक तत्वों की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करना पारदर्शिता और जनस्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम है। अंतरराष्ट्रीय मानकों और वैज्ञानिक डाटाबेस के उपयोग से नीति की विश्वसनीयता और प्रभावशीलता बढ़ती है। यह पहल अन्य देशों के लिए भी तंबाकू नियंत्रण और जनजागरूकता बढ़ाने का उदाहरण बन सकती है।

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