दक्षिण कोरियाई सरकार ने क्षेत्रीय सरकारों के प्रशासनिक एकीकरण को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष एकीकृत शहरों की स्थापना की योजना बनाई है। यह पहल देश के संतुलित विकास को बढ़ावा देने और सियोल पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से शुरू की गई है। इन शहरों को सियोल के समान दर्जा मिलेगा और सार्वजनिक संस्थानों के स्थानांतरण व औद्योगिक विकास को प्राथमिकता दी जाएगी। प्रधानमंत्री किम मिन-सोक ने 16 जनवरी 2026 को इस योजना की घोषणा की।
योजना के तहत प्रत्येक विशेष एकीकृत शहर को प्रति वर्ष अधिकतम 5 ट्रिलियन वॉन और 4 वर्षों में कुल 20 ट्रिलियन वॉन तक की वित्तीय सहायता दी जाएगी। सरकार नए फंड और अनुदान स्थापित करेगी ताकि प्रशासनिक परिवर्तन सुचारू रूप से हो सके। एकीकृत शहरों को स्थानीय परियोजनाओं और बजट प्रबंधन में अधिक स्वायत्तता मिलेगी, साथ ही सार्वजनिक संस्थानों के स्थानांतरण और औद्योगिक विकास में प्राथमिकता दी जाएगी।
प्रधानमंत्री किम ने कहा कि प्रशासनिक एकीकरण केवल नक्शे बदलने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन, अर्थव्यवस्था, परिवहन और कल्याण के क्षेत्रों का एकीकरण है। उन्होंने कहा कि ये उपाय क्षेत्रीय विकास को राष्ट्रीय विकास का स्तंभ बनाएंगे। सरकार ने एक अंतर-मंत्रालयी टास्क फोर्स का गठन किया है, जो त्वरित कार्यान्वयन के लिए संसद के साथ मिलकर काम करेगी।
भविष्य में, 2027 में होने वाले दूसरे चरण के सार्वजनिक संस्थानों के स्थानांतरण में विशेष एकीकृत शहरों को प्राथमिकता दी जाएगी। सरकार कंपनियों और निवेश को आकर्षित करने के लिए कर प्रोत्साहन, रोजगार सहायता और भूमि किराया छूट जैसी सुविधाएं देगी। यह नीति क्षेत्रीय विकास, रोजगार और नवाचार के सकारात्मक चक्र को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय स्वायत्तता और जिम्मेदारी को मजबूत करेगी।
यह नीति दक्षिण कोरिया में विकेंद्रीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो स्थानीय सरकारों की वित्तीय और प्रशासनिक स्वायत्तता को बढ़ावा देती है। बड़े पैमाने पर वित्तीय सहायता और सार्वजनिक संस्थानों के स्थानांतरण से निवेश और प्रतिभा आकर्षित हो सकती है, जिससे क्षेत्रीय असमानता कम होगी। दीर्घकालिक रूप से, यह मॉडल उन देशों के लिए उदाहरण बन सकता है जो केंद्रीकरण की समस्या और स्थानीय क्षेत्रों के पुनरुद्धार की आवश्यकता का सामना कर रहे हैं।