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[2026-01-17]कोरिया-जापान शिखर सम्मेलन: 60 वर्षों के बाद सहयोग में नया अध्याय

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13 जनवरी को दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग और जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने नारा में ऐतिहासिक शिखर सम्मेलन आयोजित किया, जो दोनों देशों के राजनयिक संबंधों के 60 वर्ष पूरे होने का प्रतीक है। यह बैठक नारा जैसे सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण शहर में हुई, जिसमें अगले 60 वर्षों के लिए सहयोग की नई दिशा पर बल दिया गया। दोनों नेताओं ने कोरियाई प्रायद्वीप के परमाणु निरस्त्रीकरण, क्षेत्रीय सुरक्षा, स्थानीय विकास और कम जन्मदर व वृद्धावस्था जैसी सामाजिक चुनौतियों पर चर्चा की।

100 मिनट की वार्ता के दौरान, दोनों पक्षों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बौद्धिक संपदा संरक्षण और अंतरराष्ट्रीय अपराध से निपटने जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। ऐतिहासिक मुद्दों के समाधान, विशेष रूप से उबे के जोसेई खान में कोरियाई पीड़ितों की डीएनए पहचान के लिए भी कदम उठाए गए। दोनों देशों के बीच हर साल 1.2 करोड़ से अधिक लोगों के आपसी आदान-प्रदान और तकनीकी योग्यता की पारस्परिक मान्यता को भी चर्चा में शामिल किया गया।

राष्ट्रपति ली ने वैश्विक भू-राजनीतिक और तकनीकी परिवर्तनों के बीच गहन सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया और सामाजिक समस्याओं के समाधान के लिए संयुक्त कार्य समूह बनाने का प्रस्ताव रखा। साथ ही, जापान की पुलिस के साथ मिलकर अंतरराष्ट्रीय अपराध से निपटने के लिए एक टास्क फोर्स में जापान की भागीदारी की बात कही। प्रधानमंत्री ताकाइची ने दोनों नेताओं के बीच मित्रता और विश्वास की सराहना की और नारा में राष्ट्रपति ली का स्वागत ऐतिहासिक बताया।

भविष्य की संभावनाएं सकारात्मक हैं, क्योंकि दोनों देश क्षेत्रीय कूटनीति, अमेरिका और चीन के साथ सहयोग, और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। सांस्कृतिक कार्यक्रमों जैसे ड्रम प्रस्तुति और होर्यु-जी मंदिर की यात्रा ने आपसी समझ को गहरा किया। यह शिखर सम्मेलन विश्वास, संवाद और नवाचार पर आधारित द्विपक्षीय संबंधों के नए युग की शुरुआत कर सकता है।


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