दक्षिण कोरिया भविष्य की नवाचार और आर्थिक वृद्धि के लिए \\\
के निर्माण में बड़ा निवेश कर रहा है। इस परियोजना का उद्देश्य एडवांस्ड कंप्यूटिंग डिवाइस, डेटा सेंटर और हाई-स्पीड नेटवर्क जैसी मजबूत डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करना है। सरकार इसे राष्ट्रीय प्राथमिकता मानती है, जैसे 1970 के दशक में भौतिक हाईवे ने औद्योगिकीकरण को गति दी थी। इसका मकसद है कि एआई इंडस्ट्री को तेज़ी से आगे बढ़ने के लिए ठोस आधार मिले।
इस हाईवे के मुख्य घटकों में NVIDIA के GPU और Google के TPU जैसे पावरफुल प्रोसेसर शामिल हैं, जो एआई सेवाओं के विकास के लिए जरूरी हैं। डेटा सेंटर हजारों प्रोसेसर को चलाने वाले डिजिटल फैक्ट्री की तरह हैं, जिन्हें भारी बिजली और सुरक्षा की जरूरत होती है। नेटवर्क इन सबको जोड़ने वाला डिजिटल हाईवे है, जिससे संचालन सुचारू रहता है। सरकार 2028 तक 52,000 से अधिक GPU हासिल करने और सुपरकंप्यूटर व राष्ट्रीय एआई कंप्यूटिंग सेंटर स्थापित करने का लक्ष्य रख रही है।
कोरिया 6G नेटवर्क की ओर भी बढ़ रहा है, जिससे डेटा ट्रांसमिशन और तेज़ व विश्वसनीय होगा—जो सेल्फ-ड्राइविंग कार और इंडस्ट्रियल रोबोट्स जैसी एप्लिकेशन के लिए जरूरी है। सरकार ने पायलट प्रोजेक्ट शुरू किए हैं और 2030 तक 6G के व्यावसायीकरण का लक्ष्य है। साथ ही, नेशनल एआई स्ट्रैटेजी कमेटी को मजबूत किया जा रहा है और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए रेगुलेटरी सैंडबॉक्स बनाए जा रहे हैं।
भविष्य में, एआई हाईवे से रोज़मर्रा की ज़िंदगी में एआई सेवाएं ज्यादा सुलभ और विविध होंगी। कंपनियों के लिए एंट्री कॉस्ट कम होगा, जिससे प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और उपभोक्ताओं के लिए कीमतें घट सकती हैं। सर्च, कंटेंट रिकमेंडेशन, ट्रांसलेशन और सेल्फ-ड्राइविंग जैसी तकनीकें और सहज व आम हो जाएंगी। यह बदलाव कोरियाई समाज और वैश्विक स्तर पर नए अवसरों का द्वार खोलेगा।