12 जून को, ब्लू हाउस की प्रवक्ता कांग यू-जंग ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय अपराध विशेष टास्क फोर्स ने कंबोडिया के फ्नोम पेन्ह में स्कैम गिरोह के 26 सदस्यों को गिरफ्तार किया। ये अपराधी कोरियाई सरकारी संस्थाओं का रूप धारण कर महिलाओं को निशाना बनाते थे और यौन शोषण जैसे अपराध करते थे। यह गिरफ्तारी कंबोडियाई पुलिस के सहयोग से हुई, जो अंतरराष्ट्रीय अपराध के खिलाफ एक बड़ी सफलता है।
कांग के अनुसार, गिरोह फ्नोम पेन्ह को आधार बनाकर अभियोजन और वित्तीय निगरानी आयोग जैसी संस्थाओं का रूप धारण करता था। वे पीड़ितों को अपराध में शामिल होने का झांसा देकर होटल में बंद रखते थे और बाहरी संपर्क काट देते थे। इस प्रक्रिया में 165 कोरियाई नागरिकों से कुल 267 अरब वॉन की ठगी की गई।
अपराधियों को उनके कार्यालय में गिरफ्तार किया गया, जिसकी तस्वीरें ब्लू हाउस ने जारी की हैं। गिरोह ने विशेष रूप से कोरिया में रहने वाली महिलाओं को निशाना बनाया, उन्हें असहाय स्थिति में पहुंचाकर पैसे ऐंठे और यौन वीडियो या तस्वीरें भेजने के लिए मजबूर किया। कांग ने कहा कि यह तरीका दिखाता है कि स्कैम अपराध अब पीड़ितों की मनोवैज्ञानिक कमजोरी का फायदा उठाकर और भी खतरनाक हो गए हैं।
यह ऑपरेशन कंबोडिया में कोरिया टास्क फोर्स और राष्ट्रीय खुफिया सेवा द्वारा संयुक्त रूप से किया गया, जिन्होंने चार स्थानों की पहचान कर 5 जनवरी को छापा मारा। सरकार ने यौन शोषण वीडियो को तुरंत ब्लॉक करने, सभी अपराधों की गहन जांच और अपराधियों को जल्द से जल्द कोरिया लाकर सजा देने का निर्णय लिया है। साथ ही, पीड़ित महिलाओं के लिए न्याय मंत्रालय के स्माइल सेंटर के साथ सहयोग कर उपचार और पुनरावृत्ति रोकने के उपाय किए जाएंगे।
कांग ने कहा कि सरकार राष्ट्रपति ली जे-म्युंग के निर्देशानुसार डिजिटल यौन अपराध समेत अंतरराष्ट्रीय अपराधों पर सख्ती से कार्रवाई जारी रखेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि कोरियाई नागरिकों को नुकसान पहुंचाने वालों को कड़ी सजा दी जाएगी।