दक्षिण कोरिया की सरकार ने राष्ट्रीय विकास रणनीति के केंद्र में वेंचर कंपनियों को लेकर एक व्यापक नीति की घोषणा की है, जिसके तहत 2030 तक एआई और डीप-टेक स्टार्टअप्स की संख्या 10,000 तक पहुंचाने, 50 यूनिकॉर्न और डेकाकॉर्न कंपनियां बनाने तथा प्रति वर्ष 40 ट्रिलियन वॉन के वेंचर निवेश के लक्ष्य को प्राप्त करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस नीति को कई सरकारी विभागों के सहयोग से लागू किया जाएगा और इसमें तकनीक, क्षेत्र, प्रतिभा और पूंजी को मुख्य धारा मानकर वेंचर पारिस्थितिकी तंत्र को संरचनात्मक रूप से पुनर्गठित करने पर जोर दिया गया है। इसका मकसद केवल अल्पकालिक सहायता से ऊपर उठकर तकनीकी नवाचार, पूंजी प्रदान करना, प्रतिभा को आकर्षित करना और बाजार का विस्तार करना सभी को एक साथ जोड़ना है ताकि वेंचर कंपनियां राष्ट्रीय विकास की मुख्य चाल बन सकें।
सरकार ने लगभग 50,000 जीपीयू (ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट) का एक हिस्सा स्टार्टअप्स के शोध और विकास के लिए रणनीतिक रूप से आवंटित करने की योजना बनाई है। इसके साथ ही, 6 रणनीतिक उद्योगों (एआई, बायो, सामग्री और संस्कृति, सैन्य उद्योग, ऊर्जा, उन्नत विनिर्माण) पर केंद्रित होकर 2030 तक एआई और डीप-टेक स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए नीति परिधि को बदला जाएगा। ‘अगली पीढ़ी के यूनिकॉर्न की खोज और विकास परियोजना’ के तहत प्रति कंपनी 100 बिलियन वॉन तक के चरणबद्ध निवेश और गारंटी की सुविधा दी जाएगी और 2030 तक कुल 13.5 ट्रिलियन वॉन की आपूर्ति की जाएगी।
इसके अलावा, के-वेंचर के वैश्विक विस्तार के लिए सिलिकन वैली, टोक्यो, सिंगापुर, लंदन और न्यूयॉर्क जैसे प्रमुख नवाचार केंद्रों में स्टार्टअप कैम्पस स्थापित किए जाएंगे और सियोल में एक वैश्विक उद्यमिता केंद्र का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही, कानूनी, कर, प्रबंधन और नियामक मुद्दों के समाधान के लिए ‘स्टार्टअप वन-स्टॉप सपोर्ट सेंटर’ की स्थापना की जाएगी ताकि स्थापना की सभी प्रक्रियाओं में उत्पन्न होने वाली जटिल समस्याओं का समाधान हो सके।